निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में हाल ही में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस भरने से उनका दम घुट गया, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई।
लापरवाही ने ली तीन जानें
प्राथमिक जांच में इस घटना के पीछे ठेकेदार की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। आरोप है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और जरूरी उपकरणों के ही मजदूरों को सीवरेज टैंक में उतार दिया गया। इस तरह की खतरनाक स्थिति में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर हादसे का कारण बनी।
ठेकेदार पर FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ BNS की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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सरकार का सख्त रुख
इस घटना के बाद राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छत्तीसगढ़ में जबरन मैनुअल स्कैवेंजिंग कराने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
सख्त गाइडलाइन जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सीवरेज और गटर की सफाई को लेकर नई और सख्त गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें मजदूरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
सुरक्षा और जवाबदेही पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर सिस्टम में मौजूद खामियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई होती है और क्या यह घटना भविष्य में बदलाव का कारण बनती है।











