Saturday, August 15, 2026
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मिडिल ईस्ट तनाव से शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1700 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। गुरुवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1700 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी में 500 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली।

कुछ ही मिनटों में निवेशकों को बड़ा नुकसान

बुधवार को तेजी के साथ बंद हुआ बाजार गुरुवार को खुलते ही धराशायी हो गया। इस तेज गिरावट के चलते कुछ ही मिनटों में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

ईरान-कतर तनाव बना बड़ी वजह

इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। ईरान द्वारा कतर के गैस और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। अब तक सैन्य ठिकानों तक सीमित हमले ऊर्जा सेक्टर तक पहुंच गए हैं, जिससे कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर संकट गहरा गया है।

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तेल सप्लाई पर असर, कीमतों में उछाल का डर

कतर जैसे बड़े ऊर्जा उत्पादक देश पर हमले के बाद निर्यात प्रभावित हुआ है। इससे दुनियाभर में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है। इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा है, जहां निवेशक जोखिम से बचने के लिए तेजी से बिकवाली कर रहे हैं।

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट

भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई है। जापान, हॉन्गकॉन्ग और अन्य प्रमुख बाजारों में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है।

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर लंबे समय तक बाजार पर पड़ सकता है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी मंदी का खतरा मंडरा सकता है।

निवेशकों के लिए सतर्क रहने की सलाह

बाजार की इस अस्थिर स्थिति को देखते हुए निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जल्दबाजी में निवेश के फैसले लेने से बचना और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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