नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान के साथ चल रही वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उनके द्वारा भेजे गए नए प्रस्ताव से वह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की राह अभी भी कठिन बनी हुई है।
ट्रंप ने जताई नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ से बातचीत के लिए नया प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन उसमें कई ऐसी बातें हैं जिनसे अमेरिका सहमत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रस्ताव में कौन-सी खामियां हैं।ट्रंप ने कहा,
“वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं। अब आगे क्या होगा, यह देखना होगा।”
Read more : IPL 2026 : चेपॉक में आज CSK और MI की टक्कर! प्लेऑफ की उम्मीद बचाने उतरेंगी दोनों टीमें
पाकिस्तान के जरिए जारी है बातचीत
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने पाकिस्तान में मौजूद मध्यस्थों को अपना नया प्रस्ताव सौंपा था, जिसे आगे अमेरिका तक पहुंचाया गया। ट्रंप ने बताया कि पिछले सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधियों की पाकिस्तान यात्रा रद्द होने के बावजूद दोनों देशों के बीच फोन पर बातचीत जारी रही।इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास अब भी जारी हैं।
ईरानी नेतृत्व पर ट्रंप का हमला
ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को “बिखरा हुआ” बताते हुए कहा कि वहां अंदरूनी मतभेद बहुत ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में अलग-अलग समूह अपनी-अपनी राय रखते हैं और यही वजह है कि बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही।ट्रंप के मुताबिक,
“उन्हें खुद नहीं पता कि उनका असली नेतृत्व कौन कर रहा है। सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे आपस में ही उलझे हुए हैं।”
पश्चिमी एशिया में बढ़ सकती है बेचैनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही पश्चिमी एशिया की स्थिरता पर असर डाल रहा है। ऐसे में ट्रंप के इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो पाया, तो आने वाले समय में तनाव और बढ़ सकता है।
समझौते पर अब भी संशय
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतिम समझौता हो पाएगा। उनका कहना है कि बातचीत लगातार लंबी खिंच रही है और ठोस नतीजे सामने नहीं आ रहे हैं।हालांकि दोनों पक्ष वार्ता जारी रखे हुए हैं, लेकिन फिलहाल किसी बड़े समझौते की संभावना कमजोर दिखाई दे रही है।











