CG Clerk Jailed: अंबिकापुर में रिश्वतखोर बाबू को 6 साल बाद सजा: रिटायर चौकीदार की ग्रेच्युटी-पेंशन के बदले मांगे थे ₹8,000; कोर्ट ने सुनाई 3 साल की कैद

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CG Clerk Jailed: अंबिकापुर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत अंबिकापुर की विशेष एसीबी (Anti-Corruption Bureau) अदालत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। न्यायालय ने जल संसाधन विभाग के तत्कालीन रिश्वतखोर लिपिक व्ही.के. सिन्हा को ₹7,000 की घूस लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदण्ड (जुर्माने) से दंडित किया है।

सेवानिवृत्त पिता के हक के पैसों के लिए चक्कर काट रहा था बेटा

पूरे मामले का घटनाक्रम 6 साल पहले का है। विशुनपुरखुर्द (राघवपुरी, थाना गांधीनगर) के रहने वाले लोचन सिंह (पिता लरघुराम) ने 16 जुलाई 2020 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अंबिकापुर के दफ्तर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, लोचन सिंह के पिता लरघुराम जल संसाधन विभाग संभाग-01 अंबिकापुर में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे और 30 नवंबर 2015 को सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके थे। सेवानिवृत्ति के लंबे समय बाद भी उन्हें केवल बचत निधि का ब्याज सहित ₹7,224 का भुगतान किया गया था, जबकि उनकी ग्रेच्युटी और पेंशन का प्रकरण विभाग द्वारा अटका कर रखा गया था।

‘खर्चा-पानी’ के नाम पर पहले लिए ₹3,000, फिर मांगे ₹8,000

जब पीड़ित लोचन सिंह अपने पिता के अधिकारों की राशि के भुगतान के लिए कार्यालय के सहायक ग्रेड-3 लिपिक व्ही.के. सिन्हा से मिला, तो आरोपी ने ‘खर्चा-पानी’ के नाम पर रिश्वत की मांग की। काम जल्द कराने के एवज में लोचन ने पहले ही ₹3,000 आरोपी बाबू को दे दिए थे। इसके बावजूद जब काम नहीं हुआ और पदोन्नत होकर सहायक ग्रेड-2 बने व्ही.के. सिन्हा से दोबारा संपर्क किया गया, तो उसने काम को आगे बढ़ाने के लिए ₹8,000 की और मांग रख दी।

एसीबी ने मुख्य मार्ग पर रंगेहाथ दबोचा था

लोचन सिंह रिश्वतखोर बाबू को और पैसे नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने कानून का सहारा लिया। एसीबी ने शिकायत का भौतिक सत्यापन कराया, जिसके दौरान दोनों के बीच ₹7,000 की रिश्वत देने पर सहमति बनी। योजना के तहत, 13 अगस्त 2020 को जैसे ही लोचन सिंह ने आरोपी व्ही.के. सिन्हा को केमिकल लगे नोट थमाए, वैसे ही कार्यालय के ठीक बाहर मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगेहाथ दबोच लिया।

6 साल के लंबे ट्रायल के बाद आया फैसला

एसीबी ने पूरे मामले की गहनता से विवेचना करने के बाद 22 जून 2021 को आरोपी लिपिक के विरुद्ध विशेष न्यायालय अंबिकापुर में पुख्ता साक्ष्यों के साथ चालान (अभियोग पत्र) प्रस्तुत किया था। इस मामले की लंबी सुनवाई और अभियोजन पक्ष के गवाहों व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसीबी विशेष न्यायालय ने आरोपी बाबू व्ही.के. सिन्हा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया और उसे 3 साल की जेल सहित ₹5,000 के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद से शासकीय विभागों के भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप व्याप्त है।

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