Saturday, September 19, 2026
Home Madhya Pradesh Tikamgarh Fake Birth Certificate Case: टीकमगढ़ जिला अस्पताल में बड़ा फर्जीवाड़ा, डेटा...

Tikamgarh Fake Birth Certificate Case: टीकमगढ़ जिला अस्पताल में बड़ा फर्जीवाड़ा, डेटा एंट्री ऑपरेटर बर्खास्त और नोडल अफसर पर जांच शुरू

टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh Fake Birth Certificate Case: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिला अस्पताल से नवजात शिशु का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के सख्त निर्देश के बाद जिला अस्पताल में पदस्थ डेटा एंट्री ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निष्कासित कर दिया गया है। वहीं, जन्म प्रमाण पत्र शाखा के नोडल अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पूरे घटनाक्रम की प्रशासनिक जांच एसडीएम (SDM) संस्कृति लिटोरिया को सौंपी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खरगापुर निवासी प्रसूता काजल नायक को 8 अगस्त को प्रसव के लिए निजी जीवन अस्पताल (नर्सिंग होम) में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने बच्चे को जन्म दिया और 11 अगस्त को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, आश्चर्यजनक रूप से 13 अगस्त को उक्त बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जिला अस्पताल, टीकमगढ़ के नाम से जारी कर दिया गया।

Read More : छिंदवाड़ा में मंत्री राकेश सिंह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- ‘बाल बुद्धि’ वाला व्यक्ति देश का नेतृत्व कैसे करेगा

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता प्रसूता की आधिकारिक एंट्री कराने जिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल के सरकारी रिकॉर्ड में बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पहले से ही जारी देखकर आशा कार्यकर्ता को संदेह हुआ, जिसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामला संज्ञान में आते ही कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला को त्वरित जांच के आदेश दिए।

Read More : श्री धन्वंतरि अस्पताल का रायपुरवासियों को तोहफा; BMD, ECG और CBC समेत कई टेस्ट होंगे मुफ्त, अन्य जांचों पर मिलेगी 50% छूट

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से जिला अस्पताल में पदस्थ डेटा एंट्री ऑपरेटर अभिषेक चौधरी की सीधे तौर पर लापरवाही और गंभीर अनियमितता पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के आदेश से ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु पंजीकरण शाखा के नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी जांच के आदेश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह के गंभीर फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Share The News