बिलासपुर। Nishaanebaz.com-Bilaspur Bangladeshi Suspect Case: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से सटे बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र से बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से 18 लोग भारतीय नागरिक पाए गए हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और संबंधित स्थानीय थाना क्षेत्रों से उनके पहचान और निवास से जुड़े दस्तावेजों का अंतिम सत्यापन होने के बाद 15 दिनों से रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर में बंद 18 लोगों को रिहा कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर पुलिस द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सिरगिट्टी इलाके में सघन अभियान चलाकर कुल 23 लोगों को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में लिया था। जिले में करीब दो महीने तक चले इस विशेष अभियान के तहत 1,162 लोगों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई थी। प्राथमिक जांच में संदिग्ध पाए गए इन 23 लोगों को पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा मुर्शिदाबाद व जंगीपुर स्थित उनके गृह थानों से सत्यापन कराने तक 4 सितंबर को रायपुर डिटेंशन सेंटर भेजा गया था।
शुरुआती पुलिस जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों के दस्तावेजों में पिता के नाम की जगह ससुर का नाम दर्ज मिलने तथा मूल निवास संबंधी विवरण में विरोधाभास होने के कारण यह संदेह गहराया था। इसके अलावा कुछ संदिग्धों के नाम एसआईआर (SIR) सूची से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि, जमीनी स्तर पर जांच पूरी होने और पश्चिम बंगाल पुलिस से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद 18 लोगों के भारतीय नागरिक होने का सच सामने आ गया।
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जांच में सामने आया है कि पकड़े गए अधिकांश लोग सिरगिट्टी और आसपास के क्षेत्रों में रहकर छोटे-मोटे मजदूरी के काम में लगे थे। इनमें से कई लोग बाल के बदले बर्तन देने का फेरी व्यवसाय करते थे, जबकि कुछ लोग टेंट और पंडाल लगाने के काम से जुड़े हुए थे। 18 लोगों की रिहाई के बाद अब बिलासपुर पुलिस का पूरा फोकस बचे हुए 5 संदिग्धों पर है। पुलिस उनके अतिरिक्त पहचान पत्र और जमीनी दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि उनके नागरिकता रिकॉर्ड की अंतिम पुष्टि की जा सके।







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