इंदौर। Nishaanebaz.com-Rahul Gandhi Indore Speech: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को देश के पांचवें ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत इंदौर पहुंचे। शहर में आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों की समस्याएं सुनीं। युवाओं से चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि वर्तमान सिस्टम को छात्रों से खतरा महसूस होता है, क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं, जबकि यह सिस्टम सवाल पूछने वाले निडर युवाओं के बजाय नफरत फैलाने वाले ‘अंधभक्त’ तैयार करना चाहता है।
‘अंधभक्तों’ को सुनिए 👇 pic.twitter.com/nYtHmBTk6r
— MP Congress (@INCMP) September 19, 2026
कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने परीक्षाओं में धांधली, चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलने और बढ़ती बेरोजगारी का दर्द साझा किया। इसके जवाब में राहुल गांधी ने एक डिजिटल प्रेजेंटेशन के जरिए देश की शासन व्यवस्था का ढांचा समझाते हुए आरोप लगाया कि पूरे देश के सिस्टम पर केवल 5-6 लोगों का कब्जा हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पूरी सरकार को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चलाते हैं, जबकि अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल विरोध की आवाजों को दबाने, फोन टैपिंग और निगरानी का काम करते हैं।
अडानी और अंबानी समूह का नाम लेते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश के बड़े व्यापार और कॉर्पोरेट तंत्र को केवल दो उद्योगपतियों ने पूरी तरह से कैप्चर कर लिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया, न्यायपालिका, मनोरंजन और देश की तमाम संस्थाओं में सिस्टम ने अपने चुनिंदा लोगों को बिठा रखा है। ये उद्योगपति ही भाजपा के राजनीतिक तंत्र को फंड मुहैया कराते हैं और वही पैसा घुमाकर राजनीति में इस्तेमाल किया जाता है।
शिक्षा बजट का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश के कुल बजट का 4.6 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र में दिया जाता था, जिसे घटाकर अब महज 2.6 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 0.7 लाख करोड़ रुपये जो देश के छात्रों की पढ़ाई पर खर्च होने चाहिए थे, वे शिक्षा में न जाकर देश के चुनिंदा अरबपतियों की जेब में चले गए। उन्होंने छात्रों को देश का असली भविष्य बताते हुए कहा कि बिना शिक्षित और आत्मनिर्भर युवाओं के देश कभी मजबूत नहीं हो सकता।






