रायपुर। Nishaanebaz.com-CG RTO Fee Hike 2026: छत्तीसगढ़ में आम वाहन चालकों और व्यावसायिक वाहन स्वामियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। राज्य परिवहन विभाग ने करीब 32 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आरटीओ (RTO) से जुड़ी 15 प्रमुख सेवाओं के शुल्क ढांचे में संशोधन कर बढ़ोतरी कर दी है। विभाग द्वारा जारी इस नई संशोधित दर सूची का राजपत्र (Gazette Notification) में विधिवत प्रकाशन कर दिया गया है। नई दरों के लागू होने से अब ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस, परमिट और वाहन temporary रजिस्ट्रेशन के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
नए संशोधन के तहत डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब 200 रुपये की जगह 250 रुपये देने होंगे, जबकि मेडिकल सर्टिफिकेट का शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है। सबसे बड़ा असर व्यावसायिक वाहन संचालकों और बस मालिकों पर पड़ा है। यात्री बस के परमिट जारी करने और नवीनीकरण (Renewal) का शुल्क 2,500 रुपये से सीधे चार गुना बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा RTO निर्णयों के खिलाफ अपीलीय याचिका शुल्क भी 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।
| सेवा का नाम | पुरानी दर (₹) | नई दर (₹) |
| चिकित्सा प्रमाणपत्र (Medical Certificate) | 50 | 100 |
| लर्निंग लाइसेंस (डुप्लीकेट) | 50 | 100 |
| ड्राइविंग लाइसेंस (डुप्लीकेट) | 200 | 250 |
| व्यावसायिक वाहन चालक प्राधिकार पत्र | 200 | 300 |
| निजी लाइट मोटर वाहन अस्थायी पंजीकरण | 250 | 500 |
| व्यावसायिक लाइट मोटर वाहन अस्थायी पंजीकरण | 500 | 600 |
| दोपहिया अस्थायी पंजीकरण | 150 | 300 |
| मोटर कैब (टैक्सी) परमिट | 1,500 | 4,000 |
| ऑटो/टैक्सी अस्थायी परमिट (प्रति सप्ताह) | 250 | 300 |
| मालगाड़ी परमिट | 2,000 | 5,000 |
| मालगाड़ी नेशनल परमिट | 2,000 | 6,000 |
| यात्री बस परमिट | 2,500 | 10,000 |
| परमिट की दूसरी प्रति (Duplicate Copy) | 500 | 1,000 |
| RTO निर्णय/आदेश के विरुद्ध याचिका शुल्क | 200 | 2,000 |
परिवहन विभाग की इस नई व्यवस्था में कृषकों तथा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के आवेदकों के लिए राहत भरा निर्णय भी लिया गया है। किसानों के नाम पर पंजीकृत ट्रैक्टर और ट्रॉली के परमिट संबंधी कार्यों पर कोई अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा। वहीं, SC और ST वर्ग के आवेदकों को निर्धारित सरकारी शुल्क में 50 प्रतिशत (आधा) की छूट प्रदान की जाएगी। संशोधित दरों के लागू होने से जहां एक तरफ राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं ट्रांसपोटर्स और बस संचालकों का बजट प्रभावित होना तय है।







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