नई दिल्ली। च्युइंग गम सिर्फ मजे या सांस ताजा करने का साधन ही नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी कई मायनों में फायदेमंद हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मसूड़ों की मालिश करती है, लार का स्राव बढ़ाती है और दांतों को बैक्टीरिया से बचाती है। हालांकि इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की गम चबा रहे हैं और कितनी देर तक।

ओरल हेल्थ से आगे के फायदे
शुगर-फ्री और खासतौर पर जाइलिटॉल युक्त गम कैविटी रोकने और मसूड़ों की बीमारी कम करने में मददगार साबित होती है। हाल ही में जर्नल Nutrients में प्रकाशित एक सर्वेक्षण में बताया गया है कि च्युइंग गम के फायदे ओरल हेल्थ तक सीमित नहीं हैं। धूम्रपान छोड़ने में निकोटीन गम कारगर साबित हुई है। सर्जरी के बाद आंतों की रिकवरी में भी गम चबाना लाभदायक पाया गया।
रिसर्च क्या कहती है
इस समीक्षा में 260 शोध कार्यों का विश्लेषण किया गया, जिनमें अलग-अलग प्रकार की गम शामिल थीं—शुगर-फ्री, जाइलिटॉल, कैफीनयुक्त और निकोटीन गम। इनमें से 40 से अधिक अध्ययनों ने गम को चिकित्सीय सहायक के रूप में कारगर माना।
एक्सपर्ट्स की राय
अपोलो अस्पताल, नवी मुंबई के प्रोस्थोडॉन्टिस्ट और इम्प्लांटोलॉजिस्ट डॉ. निनाद मुले का कहना है कि शुगर-फ्री या जाइलिटॉल वाली गम ओरल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। वहीं साधारण गम तनाव कम करने, मूड स्थिर रखने और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक हो सकती है।
मानसिक और शारीरिक लाभ
कैफीनयुक्त गम एथलीट्स की सहनशक्ति बढ़ाती है और थकान कम करती है। वहीं सामान्य गम के सेवन से ध्यान, स्मृति और कार्यक्षमता में सुधार देखा गया है।
सर्जरी के बाद फायदा
पेट और आंतों की सर्जरी के बाद च्युइंग गम चबाने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रिकवरी तेज होती है, कब्ज और गैस्ट्रिक पैरालिसिस की समस्या कम होती है और मरीज को जल्दी आराम मिलता है।
डॉक्टरों का मानना है कि यदि सही प्रकार की गम चुनी जाए और सीमित समय तक चबाई जाए तो यह ओरल हेल्थ के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक सेहत में भी फायदेमंद हो सकती है।











