Thursday, August 27, 2026
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Cold Water Side Effects: चिल्ड वाटर से ‘टेम्परेचर शॉक’ का खतरा: धूप से लौटकर तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक; डॉक्टर्स ने दी संभलने की सलाह

Cold Water Side Effects: रायपुर। वर्तमान में चल रहे नौतपा के अभूतपूर्व और प्रचंड हीटवेव (Heatwave) के दौर में जब आम जनता बाहर की झुलसाने वाली धूप और चिलचिलाती गर्मी से लौटकर घर पहुंचती है, तो सबसे पहले फ्रिज का बर्फ जैसा चिल्ड (Chilled) पानी पीने की ओर दौड़ती है। यह शीतल जल मुंह और गले को तात्कालिक रूप से तृप्ति और राहत का विधिक अहसास जरूर कराता है, परंतु वैश्विक चिकित्सा शोध पत्रिकाओं और भारतीय डॉक्टरों के हालिया विधिक अध्ययनों ने इस आदत को मानव शरीर के लिए एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के रूप में चिन्हित किया है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ और प्रबुद्ध कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, अत्यधिक गर्म शरीर में अचानक बर्फ जैसा पानी डालना अंदरूनी तंत्र को पूरी तरह हिला कर रख देता है, जिससे कई गंभीर शारीरिक और विधिक स्वास्थ्य विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं।क्या आपको पता है फ्रिज में रखा ठंडा पानी पीने से क्या होता है, जानने के बाद  कभी नहीं पिएंगे | Do you know what happend when you drink cold water fridge

क्या होता है ‘टेम्परेचर शॉक’? ब्लड वेसल्स के सिकुड़ने का विधिक सच

चिकित्सा विज्ञान के विधिक नियमों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति तेज धूप और पसीने के बीच बाहर होता है, तो उसका शरीर आंतरिक तापमान (Core Body Temperature) को संतुलित और ठंडा बनाए रखने के लिए विधिक रूप से ‘थर्मोरेगुलेशन’ की प्रक्रिया में व्यस्त रहता है। इस दौरान त्वचा और शरीर की सतह पर ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) अत्यधिक तेज होता है।

  • अचानक विधिक व्यवधान: ऐसे अत्यधिक गर्म माहौल से आते ही जब कोई इंसान अचानक शून्य या बेहद कम तापमान का पानी गटक लेता है, तो आंतरिक अंगों को तीव्र ‘टेम्परेचर शॉक’ (Temperature Shock) लगता है।

  • नसें सिकुड़ना: इस शॉक के कारण रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) अचानक और तीव्र रूप से सिकुड़ जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क तक रक्त का विधिक प्रवाह कुछ सेकंड के लिए बाधित होता है, जिससे चक्कर आना, अचानक तेज सिरदर्द (जिसे मेडिकल भाषा में ‘ब्रेन फ्रीज’ कहा जाता है) और असहजता की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।Are You Drinking Water Immediately After Meals? , • Avoid drinking too much  water right after eating, • It may slow down digestion, • Can cause  bloating and indigestion problems, • Drinking water ...

पाचन तंत्र का धीमा होना और वेगस नर्व (Vagus Nerve) पर जानलेवा प्रहार

मेडिकल एक्सपर्ट्स और पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञों का संयुक्त विधिक मत है कि बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने का सबसे पहला और सीधा प्रहार हमारी जठराग्नि यानी पाचन तंत्र पर होता है:

  1. धीमा डाइजेशन (Digestive Enzymes): बहुत ठंडा पानी पेट के भीतर पहुंचते ही पाचन क्रिया के लिए जिम्मेदार आवश्यक पाचक रसों और एंजाइम्स की विधिक गतिविधि को कुछ समय के लिए बिल्कुल फ्रीज या धीमा कर देता है। इसके चलते पेट को भोजन पचाने के लिए अतिरिक्त विधिक ऊर्जा और मेहनत लगानी पड़ती है, जिससे पेट फूलना (Bloating), गैस, अपच और तीव्र पेट दर्द की शिकायतें कस्टमाइज्ड रूप से बढ़ जाती हैं।

  2. हार्ट और बीपी पर असर: जो लोग पहले से ही हृदय रोग (Heart Disease) या उच्च रक्तचाप की विधिक दवाओं पर हैं, उनके लिए यह आदत और अधिक घातक है। अचानक अत्यधिक ठंडे तापमान के संपर्क में आने से शरीर की मुख्य वेगस नर्व (Vagus Nerve) प्रभावित हो सकती है। वेगस नर्व हमारे दिल की धड़कन को नियंत्रित करने का विधिक कार्य करती है; इसके अचानक उत्तेजित होने से हार्ट रेट अनियंत्रित हो सकती है और ब्लड प्रेशर में एकाएक उतार-चढ़ाव आ सकता है।स्वरयंत्रशोथ का इलाज: आवाज को आराम देने के सर्वोत्तम उपाय - लिव हॉस्पिटल

श्वसन तंत्र और गले में खराश; क्या हैं हाइड्रेशन के सही विधिक विकल्प?

पसीने से लथपथ होने के तुरंत बाद चिल्ड वाटर पीने का एक अन्य बड़ा नुकसान रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट (श्वसन तंत्र) पर दिखता है। ठंडा पानी गले की संवेदनशील श्लेष्मा झिल्ली (Mucous Membrane) को संकुचित कर देता है, जिससे वहां बलगम (Mucus) की परत मोटी होने लगती है। यही कारण है कि गर्मी के दिनों में भी लोगों को गले में तीव्र खराश, टॉन्सिल्स में सूजन, सूखी खांसी और बलगम जमने जैसी विधिक बीमारियां अपनी चपेट में ले लेती हैं।

डॉक्टर्स की विधिक गाइडलाइन और सुरक्षित विकल्प: देश के शीर्ष फिजिशियंस ने भीषण गर्मी के इस दौर में सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित विधिक स्वास्थ्य गाइडलाइन जारी की है:

  • धूप से घर लौटने के तुरंत बाद कम से कम 5 से 10 मिनट तक सामान्य वातावरण में आराम करें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य (Baseline) पर आ सके। उसके बाद ही पानी का सेवन करें।

  • अत्यधिक ठंडे पानी के स्थान पर पारंपरिक और विधिक रूप से प्रमाणित मिट्टी के घड़े (मटके) का पानी पिएं, जिसका तापमान मानव शरीर के अनुकूल होता है।

  • शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को विधिक रूप से पूरा करने के लिए केवल सादे पानी पर निर्भर रहने के बजाय नींबू पानी, ताजा छाछ, प्राकृतिक नारियल पानी और ओआरएस (ORS) के घोल को प्राथमिकता दें। ये विकल्प कोशिकाओं को अंदरूनी रूप से सुरक्षित और हाइड्रेटेड रखते हैं।

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