Best Time To Drink Tea: भारत में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और संस्कृति का एक अटूट हिस्सा है। सुबह आंख खुलते ही ‘बेड टी’ की चाहत हो, दफ्तर का काम का तनाव हो या फिर शाम को दोस्तों के साथ गपशप, चाय हर मोड़ पर साथ नजर आती है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि सेहत के दृष्टिकोण से चाय पीने का सबसे बेहतरीन समय कौन-सा है? क्या सुबह की चाय ज्यादा फायदेमंद है या शाम की? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आहार विशेषज्ञों (डाइटिशियन) के अनुसार, इस सवाल का कोई एक सीधा जवाब नहीं है; यह पूरी तरह से आपके शरीर की स्थिति, दिनचर्या और चाय पीने के तरीके पर निर्भर करता है।
सुबह की चाय: कार्यक्षमता और ऊर्जा का पावरहाउस, लेकिन खाली पेट है खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह के समय पी गई चाय शरीर को सुस्ती से जगाने और मस्तिष्क को सक्रिय करने में बेहद मददगार साबित होती है। चाय में प्राकृतिक रूप से मौजूद कैफीन शरीर को तुरंत तरोताजा महसूस कराता है और काम पर ध्यान केंद्रित (फोकस) करने में मदद करता है। इसके अलावा, ग्रीन टी में पाए जाने वाले प्रचुर एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधारते हैं, जबकि काली चाय (ब्लैक टी) और पारंपरिक मसाला चाय सुबह के वक्त शरीर को भरपूर ऊर्जा देती हैं।
हालांकि, डाइटिशियन खाली पेट बहुत कड़क या तेज चाय पीने को लेकर सख्त चेतावनी देते हैं। सुबह खाली पेट चाय पीने से पेट में एसिडिटी, जलन, गैस या अचानक बेचैनी की समस्या हो सकती है। इसलिए, सबसे बेहतर तरीका यह है कि सुबह की चाय को हमेशा नाश्ते या किसी हल्के स्नैक्स के साथ ही लिया जाए। सुबह के वक्त अदरक, नींबू या अन्य हर्बल चाय का सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और शरीर को हाइड्रेट करने में सहायक होता है।
शाम की चाय: कड़क चाय से बचें, सुकून के लिए चुनें हर्बल टी का विकल्प
दिनभर की हाड़-तोड़ कोफ्त और मानसिक थकान के बाद शाम की चाय कई लोगों के लिए एक मानसिक राहत का जरिया बनती है। परंतु, डॉक्टर सलाह देते हैं कि देर शाम या रात के करीब अधिक कैफीन वाली कड़क चाय पीने से सख्त परहेज करना चाहिए। ऐसा करने से न केवल आपकी रातों की नींद प्रभावित होती है, बल्कि अनिद्रा और घबराहट जैसी परेशानियां भी जन्म ले सकती हैं।
शाम के समय के लिए विशेषज्ञों ने ‘हर्बल चाय’ को सबसे उत्तम विकल्प माना है। इस दौरान कैमोमाइल टी, पेपरमिंट टी, लैवेंडर टी या औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी की चाय पी जा सकती है। इनमें से कैमोमाइल टी जहां मांसपेशियों को आराम देकर गहरी और अच्छी नींद लाने में मदद करती है, वहीं पेपरमिंट टी पेट फूलने (ब्लोटिंग) जैसी समस्याओं को दूर कर पाचन को सहज बनाती है। इसके अतिरिक्त, शाम को तुलसी की चाय पीने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) मजबूत होती है।
सीमित मात्रा ही है उत्तम स्वास्थ्य की कुंजी
निष्कर्ष के तौर पर, यदि आपको दिनभर के काम के लिए ऊर्जा और तीव्र फोकस की आवश्यकता है, तो सुबह की चाय (नाश्ते के साथ) आपके लिए सर्वोत्तम है। वहीं, अगर आप दिनभर के तनाव को भूलकर शांत होना चाहते हैं, तो शाम की हर्बल चाय एक बेहतरीन चुनाव है। विशेषज्ञों की सबसे महत्वपूर्ण सलाह यही है कि चाय का सेवन हमेशा एक सीमित मात्रा में ही करें। अत्यधिक मात्रा में चाय पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), भयंकर एसिडिटी और अनिद्रा की क्रोनिक बीमारी हो सकती है। सही समय, सही तरीके और संतुलित मात्रा में पी गई चाय न केवल स्वाद देती है बल्कि आपकी सेहत को भी निखारती है।









