Satwasa Road Crisis: नर्मदापुरम। एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, मजबूत बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र के ग्राम सतवासा की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। गांव के लोग पिछले करीब दो वर्षों से एक ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, जिसने उनका दैनिक जीवन बेहद कठिन बना दिया है। गांव का मुख्य मार्ग अब सड़क कम और स्थायी जलभराव वाला तालाब अधिक दिखाई देता है।
Satwasa Road Crisis:ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण और रखरखाव में बरती गई लापरवाही के कारण हालात लगातार खराब होते चले गए। सड़क पर हर समय पानी भरा रहता है, जिससे पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में आए दिन दोपहिया वाहन चालक, बुजुर्ग और राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है, क्योंकि पानी के नीचे गड्ढों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
Satwasa Road Crisis: सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। गांव के बच्चे रोजाना इसी बदहाल सड़क से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और अभिभावकों में हमेशा किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। वहीं मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी कीचड़ और जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
Satwasa Road Crisis: ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार मंडरा रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
Satwasa Road Crisis: इस गंभीर समस्या को लेकर जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार के नेतृत्व में ग्रामीणों और युवाओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर केवल दावे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
Satwasa Road Crisis: जनपद सदस्य शेर सिंह दरबार ने कहा कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्य शुरू नहीं किए गए, तो ग्रामीणों को मजबूर होकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन की स्थिति बनने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
Satwasa Road Crisis: ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए, जलभराव की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाए। लोगों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं और अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर काम चाहिए।









