Katni Patwari: कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम हर्रई में जमीन का पट्टा बनवाने के नाम पर एक महिला पटवारी पर गरीब ग्रामीण से 1 लाख 40 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि नौ महीने तक पीड़ित को लगातार कार्यालयों के चक्कर लगवाए गए, लेकिन न तो पट्टा बना और न ही पैसे लौटाए गए।
मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पीड़ित ने कथित रिश्वत लेन-देन का वीडियो बनाकर प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और एसडीएम ने महिला पटवारी शहर बानो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पट्टा बनवाने के नाम पर तीन किस्तों में वसूले 1.40 लाख रुपये
Katni Patwari: जानकारी के अनुसार, ग्राम हर्रई निवासी ज्ञान सिंह पिता इंदर सिंह ने एसडीएम को दिए लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी खसरा नंबर 15, रकबा 2 एकड़ 70 डिसमिल जमीन का पट्टा तैयार कराने के नाम पर महिला पटवारी शहर बानो ने उनसे तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 40 हजार रुपये लिए।
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पीड़ित का कहना है कि पटवारी ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही पट्टा बन जाएगा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और हर बार नए बहाने बनाकर उन्हें टाल दिया गया।
रिश्वत का वीडियो बना बना सबसे बड़ा सबूत
लगातार चक्कर लगाने और काम नहीं होने से परेशान ज्ञान सिंह ने कथित रिश्वत लेन-देन का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में उन्होंने यह वीडियो प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपते हुए पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच के आधार पर महिला पटवारी को निलंबित कर दिया।
एसडीएम की कार्रवाई के बाद तहसील प्रशासन में मचा हड़कंप
Katni Patwari: घूसखोरी का वीडियो सामने आने के बाद ढीमरखेड़ा तहसील में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।तहसीलदार नितिन पटेल ने बताया कि रिश्वतखोरी संबंधी वीडियो और लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर पाए जाने पर संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा पीड़ित के पैसे वापस दिलाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
‘मेरे पैसे वापस दिलाइए, नहीं तो परिवार सहित आत्मदाह करूंगा’
हालांकि, पटवारी के निलंबन के बावजूद पीड़ित ज्ञान सिंह को अब तक अपनी रकम वापस नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया था कि उनके पूरे 1.40 लाख रुपये वापस दिलाए जाएंगे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।पीड़ित का कहना है कि जब वह दोबारा तहसील कार्यालय पहुंचे तो उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है।ज्ञान सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मेहनत की कमाई जल्द वापस नहीं कराई गई, तो वह अपने परिवार के साथ तहसील कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
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जांच जारी, प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। यह स्पष्ट होना बाकी है कि जांच में आरोप किस हद तक सही पाए जाते हैं और पीड़ित को उसकी रकम कब तक वापस मिलती है।इस मामले ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।







