कोलकाता। Nishaanebaz.com-Bageshwar Sarkar Kolkata: पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता में आयोजित तीन दिवसीय ‘श्री हनुमंत कथा’ के दूसरे दिन बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर सरकार) का भव्य अभिनंदन किया गया। कथा समाप्ति के पश्चात कोलकाता स्थित राज्य सरकार के अतिथि गृह ‘सौजन्य भवन’ में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूज्य बागेश्वर सरकार का आत्मीय एवं भावपूर्ण स्वागत किया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय और सौहार्दपूर्ण वातावरण से सराबोर नजर आया।
सौजन्य भवन आगमन पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, कैबिनेट मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूर्ण श्रद्धाभाव और उत्साह के साथ बागेश्वर सरकार का अभिवादन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को मां दुर्गा का चित्र (तैलचित्र) तथा पूजन सामग्री भेंट कर उनका सम्मान किया। इसके बाद पूज्य महाराज श्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, उनके मंत्रियों और अधिकारियों के साथ रात्रिभोज में सहभागिता की।
रात्रिभोज के दौरान आत्मीय माहौल में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर लंबा विचार-विमर्श और संवाद हुआ। इसी दौरान एक दिलचस्प घटनाक्रम भी देखने को मिला। भोजन के समय मंत्रिमंडल के एक सदस्य ने मुस्कुराते हुए बागेश्वर सरकार से निवेदन किया, “बाबा, आज हमारी भी एक पर्ची निकाल दीजिए।” मंत्री जी के इस सहज और श्रद्धापूर्ण आग्रह पर महाराज श्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “यहां पर्ची निकालने से बेहतर है कि एक दिन का पूरा दिव्य दरबार मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) में ही लगाया जाए, ताकि सभी की समस्याओं का समाधान बालाजी की कृपा से हो सके।”
बागेश्वर सरकार की इस बात का वहां मौजूद मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। इसके साथ ही पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित राज्य सरकार के सभी मंत्रियों और विधायकों को बुंदेलखंड स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल ‘बागेश्वर धाम’ आने का विशेष निमंत्रण भी दिया।
कोलकाता में हो रही श्री हनुमंत कथा को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। कथा के साथ-साथ राज्य के शीर्ष नेतृत्व और बागेश्वर सरकार के बीच हुई इस आत्मीय मुलाकात ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाराज श्री के आगमन से बंगाल की पवित्र धारा पर सनातन चेतना का नया प्रवाह देखने को मिल रहा है।






