Saturday, September 5, 2026
Home Chhattisgarh Mungeli District Panchayat CEO DPRO Corruption Case: मुंगेली में मिठाई और सौजन्य...

Mungeli District Panchayat CEO DPRO Corruption Case: मुंगेली में मिठाई और सौजन्य भेंट के नाम पर लाखों की अवैध वसूली; सीईओ और पूर्व डीपीआरओ पर गबन का आरोप

मुंगेली। Nishaanebaz.com-Mungeli District Panchayat CEO DPRO Corruption Case: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय अवसर पर पत्रकारों को मिठाई खिलाने और सौजन्य भेंट करने के नाम पर शासकीय कोष व विभिन्न विभागों से लाखों रुपये की अवैध वसूली और वित्तीय गबन का अत्यंत संगीन मामला सामने आया है। पत्रकार खेमेश्वर पूरी गोस्वामी ने इस पूरे प्रकरण की मुख्यमंत्री तथा सीएम हेल्पलाइन में ऑनलाइन शिकायत (शिकायत क्र. WP260900176043) दर्ज कराई है। शिकायती पत्र में मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) गोकुल रावटे तथा तत्कालीन जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) सुजीत सिंह (वर्तमान पदस्थापना रायगढ़) पर अपने पदों का दुरुपयोग कर संगठित वित्तीय भ्रष्टाचार को अंजाम देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने अपने प्रशासनिक पद और प्रभाव का खुला दुरुपयोग करते हुए जिले के अलग-अलग शासकीय विभागों के आहरण-संवितरण अधिकारियों (DDOs) पर दबाव बनाया। आरोप है कि प्रति विभाग 50,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक की अवैध राशि जुटाई गई।

Read More : Ashoknagar Piprai Balaji Temple Idol Vandalism: पिपरई के बालाजी मंदिर में प्रतिमा पर कुल्हाड़ी से हमला; आरोपी गिरफ्तार, विरोध में 4 घंटे चक्काजाम

शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि विभिन्न विभागों से दबाव बनाकर लगभग 32 लाख से 35 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि एकत्र की गई और यह रकम तत्कालीन सहायक संचालक एवं डीपीआरओ सुजीत सिंह को सौंपी गई थी। शिकायकर्ता का आरोप है कि इस जुटाई गई राशि का न तो पत्रकारों के हित में कोई उपयोग किया गया और न ही इसका कोई शासकीय लेखा-जोखा या रिकॉर्ड संधारित किया गया। आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों ने मिलीभगत कर इस पूरी राशि का आपस में बंदरबांट कर लिया।

Read More : GPM Mineral Department Action CM Helpline Complaint: सीएम हेल्पलाइन पर एक्शन! गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत-गिट्टी के 8 ट्रैक्टर जब्त

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे संगठित वित्तीय भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) अथवा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की स्वतंत्र उच्च स्तरीय समिति से कराई जाए। साथ ही मुंगेली जिले के सभी आहरण-संवितरण अधिकारियों के विभागीय खातों का गुप्त वित्तीय ऑडिट कराया जाए, ताकि अवैध वसूली के मुख्य स्रोतों का पर्दाफाश हो सके। इसके अतिरिक्त, साक्ष्यों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को रोकने के लिए जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है।

Read More : Jhiram Ghati Massacre Political Conspiracy Investigation: राजनीतिक षड्यंत्र की जांच अब तक नहीं हुई, सिर्फ छोटे मोहरों पर कार्रवाई; एनआईए फैसले पर बोले भूपेश बघेल

शिकायत सार्वजनिक होने के बाद मुंगेली के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस विषय पर जब जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने खुद को मामले से अलग करते हुए कहा, “मुझे इस मामले से दूर रखें, बड़े साहब ने कहा था इसलिए मैंने कुछ विभागों को सहयोग करने कहा था, लेकिन कोई राशि तय नहीं की गई थी। इसके लिए जिला जनसंपर्क अधिकारी स्वयं जिम्मेदार हैं।” वहीं, मामले में तत्कालीन जिला कलेक्टर कुंदन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल मामले में प्रशासनिक जांच की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here