‘हमारे पास समय नहीं है’… CJP की अपील पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, नहीं देखा कोई Video

Rahul Goshwami

Supreme Court on CJP Protest सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला अब नई चर्चा का विषय बन गया है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग स्वीकार नहीं की।

सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि प्रदर्शन से जुड़े वीडियो देखकर स्वतः संज्ञान लिया जाए। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और केवल वीडियो के आधार पर इस तरह की कार्रवाई नहीं की जा सकती।

मुख्य न्यायाधीश ने कही यह बात
सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने वकील से कहा कि इस प्रकार की मांग कर न्यायालय का समय व्यर्थ न करें और अपना समय भी बेकार न गंवाएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं बनती।
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वकील ने अदालत के सामने क्या दलील दी?
सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला में याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और इसके कई वीडियो सामने आए हैं। उन्होंने अदालत से इन वीडियो के आधार पर स्वतः हस्तक्षेप करने की मांग की। हालांकि, अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

छात्रों की मांगों का भी हुआ जिक्र
सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन कर रहे छात्र नीट परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इन मुद्दों पर तत्काल सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया।

फिलहाल कोई तत्काल राहत नहीं
सीजेपी प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई मामला में सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद फिलहाल याचिकाकर्ताओं को तत्काल राहत नहीं मिली है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि केवल वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती। मामले से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी।

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