MP Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र हुआ खारिज

VIKASH KHALKHO

MP Rajya Sabha Election: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति और आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी को राज्य विधानसभा सचिवालय से एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित झटका लगा है। निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग ऑफिसर) ने कड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस की आधिकारिक राज्यसभा उम्मीदवार और पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (नॉमिनेशन फॉर्म) पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में तेलंगाना राज्य (हैदराबाद कोर्ट) में लंबित एक आपराधिक मामले की महत्वपूर्ण जानकारी को जानबूझकर छिपाया था। इस तकनीकी चूक के कारण उनका पर्चा रद्द कर दिया गया है, जिससे कांग्रेस इस सीट की रेस से बाहर हो गई है।

भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की गंभीर आपत्ति के बाद बढ़ा राजनीतिक पारा

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नौ जून दो हजार छब्बीस को नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच (स्क्रूटनी) की जा रही थी। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी श्री महेश केवट और उनके वकीलों ने मीनाक्षी नटराजन के फॉर्म पर एक गंभीर वैधानिक आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का सीधा आरोप था कि हैदराबाद की माननीय अदालत में नटराजन के खिलाफ वर्ष दो हजार पच्चीस से एक मामला विचाराधीन है, जिसमें उन्हें न्यायिक समन भी जारी हो चुका है। भाजपा की इस लिखित आपत्ति के बाद विधानसभा परिसर में अचानक राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई और दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच नौबत मारपीट और तीखी झूमाझपटी तक पहुंच गई।

शाम साढ़े पांच बजे तक जवाब न मिलने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने लिया कड़ा एक्शन

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्यवेक्षक और रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर शाम साढ़े पांच बजे तक अपना पक्ष रखने का समय दिया था। तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक और पुख्ता कानूनी जवाब न मिलने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन को जानकारी छिपाने का दोषी पाया और उनका पर्चा निरस्त कर दिया। इस बड़े फैसले के बाद कैबिनेट मंत्री श्री राकेश सिंह ने मीडिया से चर्चा में खुशी जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सच्चाई की जीत है। कांग्रेस हमेशा से ही देश के संवैधानिक नियमों और चुनावी मर्यादाओं को ताक पर रखने का काम करती आई है।

‘यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है, हम कोर्ट और सड़क पर लड़ेंगे’ — उमंग सिंघार

दूसरी ओर, इस एकतरफा फैसले से भड़की कांग्रेस ने सरकार और प्रशासनिक मशीनरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए इस कार्रवाई को लोकतंत्र की निर्मम हत्या करार दिया। उन्होंने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं है, उन्हें केवल अदालत से एक सामान्य ‘नोटिस टू रेस्पोंडेंट’ मिला था, जिसे छिपाने की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। सिंघार ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस इस दमनकारी फैसले के खिलाफ बहुत जल्द माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का दरवाजा खटखटाएगी और इस अन्याय के खिलाफ पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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