Saturday, August 15, 2026
Home Madhya Pradesh Singrauli News : मजौना पंचायत भवन बना रेत माफियाओं का ठिकाना, प्रशासन...

Singrauli News : मजौना पंचायत भवन बना रेत माफियाओं का ठिकाना, प्रशासन मौन – ग्रामीणों में आक्रोश

0
110

सिंगरौली । सरकार भले ही प्रदेश में अवैध रेत खनन पर शिकंजा कसने के दावे कर रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के मजौना पंचायत भवन के ठीक बगल में खुलेआम रेत का अवैध भंडारण किया जा रहा है और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब प्रशासनिक मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

पंचायत भवन के पास रेत का पहाड़

ग्राम पंचायत मजौना में इन दिनों रेत माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। पंचायत भवन के बगल में रेत का बड़ा अड्डा बना लिया गया है, जहां महान नदी से अवैध रूप से निकाली गई रेत ट्रैक्टर-ट्रॉली से लाई जा रही है और यहां से बेची जा रही है — बिना रॉयल्टी और बिना अनुमति के।

Read More : CG News : लैलूंगा पुलिस की बड़ी सफलता: दुर्गापुर में नशीली दवाओं का जखीरा जब्त, ₹8.40 लाख नकद बरामद – पत्नी गिरफ्तार, पति फरार

सरकारी राजस्व को भारी चूना

इस अवैध खनन और खुलेआम बिक्री से सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की चुप्पी इस गोरखधंधे को संरक्षण दे रही है। स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता और खनिज विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में है।

सार्वजनिक स्थल की गरिमा खतरे में

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन जैसे सम्मानित सार्वजनिक स्थल के पास रेत का ढेर लगाना, प्रशासन की नाक के नीचे इस धंधे की स्वीकृति जैसा है। लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉली के आवागमन से गांव की सड़कें भी टूट चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है।

बार-बार शिकायत, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं

गांववालों के अनुसार उन्होंने कई बार इस मुद्दे को लेकर प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Read More : Dongargarh News : धर्मनगरी डोंगरगढ़ में गौ माता के साथ अमानवीय हरकत, हिंदू संगठनों का विरोध, आरोपी गिरफ्तार

ग्रामीणों की मांग – तुरंत हो कार्रवाई

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग और कलेक्टर से मांग की है कि:

  • अवैध रेत कारोबार को तुरंत बंद कराया जाए।

  • माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • पंचायत भवन के आसपास से रेत का भंडार हटाया जाए।

  • ग्राम की सड़कों की मरम्मत कराई जाए।

प्रशासन की चुप्पी – धृतराष्ट्र समान?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह प्रशासन आंख मूंदे बैठा है, वह “धृतराष्ट्र” की भूमिका को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की आवाज़ पर कब और कितना गंभीरता से संज्ञान लेता है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here