खाद पर सियासत : ग्वालियर, मध्य प्रदेश। ग्वालियर-चंबल अंचल में एक बार फिर खाद का संकट गहरा गया है। खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की लंबी-लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें महिलाएं (लाडली बहनें) भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर अब राजनीति भी गरमा गई है, जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं।
खाद पर सियासत : खाद के लिए दर-दर भटक रहे किसान
ग्वालियर के भितरवार, पुतलीघर और लक्ष्मीगंज स्थित वितरण केंद्रों पर किसान खाद के लिए परेशान हैं। डबरा में भी यही हालात हैं। कई किसान आरोप लगा रहे हैं कि वे एक सप्ताह से केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही। उनका कहना है कि बड़े किसानों को तो खाद मिल रही है, लेकिन छोटे किसानों के हिस्से की खाद की कालाबाजारी हो रही है। किसानों को सिर्फ टोकन देकर लौटा दिया जा रहा है।
किसान (बाइट): “हम कई किलोमीटर से भूखे-प्यासे आ रहे हैं, लेकिन हमें हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।”
कांग्रेस का आरोप: ‘सरकार कर रही है कालाबाजारी’
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “पूरे प्रदेश में खाद को लेकर त्राहिमाम मचा हुआ है। खाद की कालाबाजारी हो रही है।” उन्होंने कहा कि सरकार के दावों की पोल किसानों की लंबी-लंबी कतारों ने खोल दी है।
आरपी सिंह (बाइट): “अगर किसानों को समय पर खाद नहीं मिला, तो उनका भारी नुकसान होगा। प्राइवेट फर्म स्टॉक कर रही हैं ताकि बाद में कालाबाजारी की जा सके।”
बीजेपी का दावा: ‘पर्याप्त स्टॉक है’
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता कमल माखीजानी का कहना है कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक है और लगातार रैक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह इस मुद्दे पर सियासत कर रही है।
कमल माखीजानी (बाइट): “वितरण व्यवस्था में कुछ खामी हो सकती है, जिसे प्रशासन जल्द ही दुरुस्त कर देगा। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं, प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है।”
प्रशासन की तैयारी: टोकन और टोक्यो
जिला प्रशासन ने खाद की किल्लत को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी इस स्थिति की समीक्षा की है।
रुचिका चौहान (बाइट): “हम डबल लॉक (मंडी) के माध्यम से खाद का वितरण कर रहे हैं। टोकन सिस्टम शुरू किया गया है, ताकि किसानों को बार-बार अनावश्यक रूप से न आना पड़े।”
उन्होंने बताया कि किसानों को अगले दिन खाद मिलने की अग्रिम सूचना दी जा रही है। साथ ही, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारु रहे।









