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ईरान की अमेरिका को खुली धमकी! हमले बंद करो, वरना… खाड़ी क्षेत्र में हाई टेंशन

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Iran US tension : मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि उसके तेल टैंकरों या व्यापारिक जहाजों पर किसी भी हमले का जवाब अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के जहाजों पर “भारी हमले” से दिया जाएगा।

ईरानी सरकारी टीवी पर प्रसारित बयान में रिवोल्यूशनरी गार्ड और नौसेना से जुड़े अधिकारियों ने साफ संकेत दिए कि खाड़ी क्षेत्र में अब हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र

होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने दो ईरानी टैंकरों को रोका, जो कथित तौर पर बंदरगाह नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई करने की भी पुष्टि की है।

बहरीन में गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद

तनाव के बीच बहरीन ने 41 लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया है। बहरीन सरकार के मुताबिक इन लोगों के संबंध ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से थे और वे कथित तौर पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद जुटा रहे थे।

हालांकि मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि बहरीन सरकार युद्ध जैसे माहौल का इस्तेमाल असहमति दबाने के लिए कर रही है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा भी तैनात है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

ट्रंप ने दी बड़ी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने को लेकर समझौता नहीं किया, तो अमेरिका फिर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

इसके जवाब में ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वह किसी दबाव में आने वाला नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश किसी तय समयसीमा के दबाव में फैसला नहीं करेगा।
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ब्रिटेन-फ्रांस भी हुए सक्रिय

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटेन और फ्रांस ने भी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। ब्रिटेन ने क्षेत्र में युद्धपोत भेजने का फैसला किया है, जबकि फ्रांस पहले ही अपने विमानवाहक पोत समूह को रेड सी की ओर रवाना कर चुका है।

दोनों देश होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

वैश्विक बाजारों पर असर

ईरान-अमेरिका तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है और निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक प्रभावित रहा तो दुनिया भर में ईंधन संकट गहरा सकता है।

कूटनीतिक समाधान पर जोर

रूस, सऊदी अरब, मिस्र और कतर समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। इन देशों का कहना है कि मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।

इसी बीच ईरान में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही अटकलों के बीच सरकार समर्थक नेताओं ने दावा किया है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द सार्वजनिक रूप से सामने आ सकते हैं।

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