Trump pauses Project Freedom Strait of Hormuz Iran tension : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है। यह ऑपरेशन Strait of Hormuz में फंसे वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए शुरू किया गया था। हालांकि, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी पहले की तरह जारी रहेगी।
पाकिस्तान की मध्यस्थता बनी वजह
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में लगा हुआ है।
क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत ट्रंप ने हाल ही में की थी। इसका उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग देना था। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
Read more : बंगाल नतीजों के बाद, कोलकाता में सियासी मुलाकात! ममता बनर्जी से मिलेंगे अखिलेश…
अमेरिकी सैन्य तैनाती जारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस ऑपरेशन के तहत भारी सैन्य संसाधनों की तैनाती की थी। इसमें गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर, 100 से अधिक विमान, ड्रोन सिस्टम और करीब 15,000 सैन्य कर्मी शामिल थे। हालांकि ऑपरेशन रोका गया है, लेकिन सैन्य उपस्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।
नाकेबंदी अभी भी बरकरार
हालांकि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, लेकिन ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी है। इससे साफ है कि क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।
क्या आगे होगा?
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम संभावित समझौते की दिशा में एक परीक्षण के तौर पर लिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अंतिम समझौता अभी स्पष्ट नहीं है। वैश्विक तेल व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इस फैसले का असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









