नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ तो ईरान का “धरती के नक्शे से नामोनिशान मिटा दिया जाएगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट में ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से बढ़ा तनाव
अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नामक अभियान शुरू किया है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, इस ऑपरेशन में 15,000 सैनिक, गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और 100 से अधिक विमान शामिल हो सकते हैं।
नौकाओं पर कार्रवाई और अमेरिका का दावा
ट्रंप प्रशासन ने दावा किया है कि ईरान से जुड़े सात छोटे जहाजों को नष्ट किया गया है। वहीं ईरान पर अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं, हालांकि अमेरिकी सेना ने अपने किसी जहाज पर हमले की पुष्टि नहीं की है।
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समुद्री व्यापार पर बड़ा संकट
होर्मुज स्ट्रेट में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ रहा है। अमेरिका ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए गाइडेंस भी जारी किया है।
यूएई में मिसाइल अलर्ट और हमला
इस तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात में मिसाइल हमले का अलर्ट जारी किया गया। ड्रोन हमले के कारण एक पेट्रोलियम साइट पर आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता यह तनाव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।









