TVK Chief Vijay Tamil Nadu CM : तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय आज तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित होने वाले समारोह में वे राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे।इस शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक चेहरे शामिल होंगे।
राज्यपाल को सौंपा समर्थन पत्र
शनिवार को विजय ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की। उन्होंने TVK के साथ कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के कुल 121 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता होती है, जबकि विजय को 121 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
Read more : C.G Weather : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, अगले 3 दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पहली ही चुनावी लड़ाई में TVK की बड़ी जीत
सिर्फ दो साल पहले बनी विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में ही बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। पार्टी ने 234 सीटों में से 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। सहयोगी दलों के समर्थन के बाद विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गए।
60 साल बाद गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री
तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। राज्य में करीब 60 वर्षों बाद किसी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। इससे पहले 1963 से 1967 तक कांग्रेस नेता एम. भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री रहे थे।
फैन क्लब से राजनीतिक ताकत तक का सफर
विजय का राजनीतिक सफर उनके विशाल फैन नेटवर्क से शुरू हुआ। उनके प्रशंसक संगठन ‘विजय मक्कल यक्कम’ (VMI) ने चुनावी अभियान में अहम भूमिका निभाई।
2009 में छोटे-छोटे फैन क्लबों को मिलाकर VMI बनाया गया था। यही संगठन बाद में TVK की राजनीतिक ताकत बना। अक्टूबर 2024 में विक्रवंडी में हुई पहली बड़ी रैली में करीब 8 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी, जिसने विजय की राजनीतिक ताकत का संकेत दे दिया था।
तमिल राजनीति में फिल्मी सितारों की परंपरा
तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों का प्रभाव लंबे समय से रहा है। एमजीआर, जयललिता और विजयकांत जैसे कलाकार राजनीति में बड़ी सफलता हासिल कर चुके हैं। अब विजय भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सत्ता के शिखर तक पहुंच गए हैं।









