China admits technical support to Pakistan during Operation Sindoor war : चीन ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए संघर्ष, जिसे भारत में “ऑपरेशन सिंदूर” के नाम से जाना जाता है, उस दौरान उसने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता दी थी।यह खुलासा चीन के सरकारी प्रसारक CCTV पर प्रसारित एक इंटरव्यू में हुआ, जिसकी जानकारी साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने दी है।
AVIC इंजीनियरों का बड़ा बयान
SCMP रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) के इंजीनियरों ने स्वीकार किया कि वे संघर्ष के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान को जमीनी स्तर पर तकनीकी सहायता प्रदान की और चीनी सैन्य उपकरणों के संचालन में मदद की।
J-10CE फाइटर जेट पर बड़ा दावा
इंटरव्यू में J-10CE लड़ाकू विमान को लेकर भी चर्चा हुई। इसे चीन के 4.5 जनरेशन फाइटर जेट्स में शामिल किया जाता है।इंजीनियरों ने दावा किया कि युद्ध के दौरान इस विमान ने अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया और यह उनके लिए “सफलता का प्रमाण” था।
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भारत का ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की खबर सामने आई थी, जिनमें कई बड़े आतंकी संगठन शामिल थे।
चीन-पाक रक्षा संबंध और गहराते रिश्ते
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2015 से अब तक चीन पाकिस्तान को 8.2 अरब डॉलर से अधिक के हथियार बेच चुका है।SIPRI रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कुल हथियार निर्यात का 63% हिस्सा पाकिस्तान को गया है, जिससे वह चीन का सबसे बड़ा रक्षा ग्राहक बन गया है।
भारत की रणनीतिक चिंता
भारतीय सेना पहले ही यह दावा कर चुकी है कि पाकिस्तान की सैन्य हार्डवेयर का बड़ा हिस्सा चीनी तकनीक पर आधारित है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं बल्कि वास्तविक युद्ध परीक्षण और तकनीकी प्रयोग तक पहुंच चुका है।









