करीब 10 दिन के लंबे इंतजार के बाद यह चयन सूची जारी की गई है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह इंटरव्यू आधारित रही, जो लगभग ढाई महीने तक चली।
357 पद खाली, योग्य उम्मीदवारों की कमी बनी वजह
आयोग के अनुसार 1649 मुख्य पदों में से 357 पदों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सके, जिसके कारण ये सीटें खाली रह गईं। इनमें सबसे ज्यादा रिक्तियां ST और EWS श्रेणी में दर्ज की गई हैं।ST वर्ग में 256 और EWS वर्ग में 55 पद खाली रह गए हैं।
आरक्षण और कानूनी मामलों से प्रभावित हुआ परिणाम
MPPSC ने बताया कि 72 पदों का परिणाम न्यायालय में लंबित मामलों के कारण रोका गया है। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण से जुड़े विवाद के चलते 183 पद फिलहाल होल्ड पर रखे गए हैं।दिव्यांग श्रेणी में भी 108 में से 46 पदों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सके।
वर्गवार चयन का विवरण
- सामान्य वर्ग: 384 पद
- SC: 225 पद
- ST: 642 पद
- OBC: 380 पद
- EWS: 201 पद
आयोग का बयान: पारदर्शी प्रक्रिया के साथ चयन
MPPSC चेयरमैन राजेश लाल मेहरा ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की गई है। सभी इंटरव्यू एक साथ आयोजित किए गए और योग्य उम्मीदवारों के आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई।
सहायक कुलसचिव भर्ती में भारी प्रतिस्पर्धा
इसी बीच उच्च शिक्षा विभाग की सहायक कुलसचिव भर्ती भी चर्चा में है। 12 पदों के लिए लगभग 12,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, यानी एक पद पर करीब 1000 दावेदार हैं। परीक्षा 17 मई को प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में आयोजित होगी।