15 जून से तहसील-कलेक्टर कार्यालय के चक्कर, अंतिम चरण में अटकी बंटवारा प्रक्रिया; 27 सितंबर से चारमार में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
अब युवा संगठन घरघोड़ा भी आया परिवार के समर्थन में, प्रशासन से तत्काल न्याय की मांग
Gharghoda News: गौरी शंकर गुप्ता /घरघोड़ा। 28 सितंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई से ठीक पहले संयुक्त भूमि के बंटवारे को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। सरधाकर गुप्ता, चिंतामणि गुप्ता और संध्या गुप्ता ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), घरघोड़ा को लिखित आवेदन देकर जनसुनवाई से पूर्व अपनी संयुक्त भूमि के बंटवारे की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण कराने और उन्हें उनका वैधानिक हक दिलाने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि संयुक्त भूमि के विधिवत बंटवारे के लिए वे 15 जून से लगातार तहसील कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज दिनांक तक बंटवारे की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है। आवेदन के अनुसार बंटवारे की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी, लेकिन जांच अधिकारी तहसीलदार के स्थानांतरण के बाद पूरी प्रक्रिया रुक गई।
✨ जनसुनवाई से पहले जमीन का हक तय करने की मांग
आवेदन में परिवार ने कहा है कि 28 सितंबर को कंपनी की जनसुनवाई आयोजित की जानी है। उनका कहना है कि यदि जनसुनवाई से पहले संयुक्त भूमि का बंटवारा नहीं हुआ तो आने वाले समय में कंपनी के विरुद्ध अपने भूमि अधिकारों की लड़ाई लड़ना उनके लिए बेहद कठिन हो सकता है।
इसी को लेकर परिवार ने प्रशासन को स्पष्ट रूप से सूचित किया है कि यदि उनकी मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है तो वे 27 सितंबर को चारमार मेन रोड स्थित जनसुनवाई स्थल के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
✨ “लंबे समय से लगा रहे हैं गुहार, अब आंदोलन ही रास्ता”
परिवार ने अपने आवेदन में लिखा है कि वे लंबे समय से अपने अधिकार के लिए प्रशासन के समक्ष आवेदन एवं निवेदन करते आ रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर उनके सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
आवेदन में परिवार ने अपनी गंभीर स्थिति का उल्लेख करते हुए परिवार सहित आत्मदाह करने जैसी कठोर चेतावनी भी दी है। ऐसी चेतावनी को देखते हुए प्रशासन के लिए मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिकायत का विधिसम्मत समाधान करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
✨ युवा संगठन घरघोड़ा आया समर्थन में
मामले में अब युवा संगठन, घरघोड़ा भी परिवार के समर्थन में सामने आया है। संगठन ने भूमि बंटवारे की प्रक्रिया को लेकर परिवार द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से जनसुनवाई से पहले मामले का निराकरण कराने की मांग की है।
युवा संगठन का कहना है कि किसी भी प्रभावित परिवार को अपने वैधानिक अधिकारों के लिए लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लंबित बंटवारा प्रक्रिया को नियमानुसार जल्द पूरा कराया जाए, ताकि जनसुनवाई से पहले स्थिति स्पष्ट हो सके।
संगठन के समर्थन में आने के बाद मामला अब केवल परिवार की व्यक्तिगत मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भूमि अधिकार और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आवाज उठने लगी है।
✨ प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
गुप्ता परिवार ने एसडीएम से मांग की है कि 28 सितंबर की जनसुनवाई से पूर्व संयुक्त भूमि के बंटवारे की कार्रवाई पूरी कराई जाए, उन्हें उनका वैधानिक अधिकार एवं न्याय दिलाया जाए तथा संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
अब पूरा मामला प्रशासन के रुख पर टिका है। एक तरफ 28 सितंबर की जनसुनवाई की तारीख नजदीक है, वहीं दूसरी तरफ भूमि बंटवारे की लंबित कार्रवाई को लेकर परिवार ने 27 सितंबर से धरने का ऐलान कर दिया है और युवा संगठन घरघोड़ा के समर्थन में आने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
Gharghoda News: अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जनसुनवाई से पहले लंबित बंटवारा प्रक्रिया का समाधान करता है या 27 सितंबर को चारमार में परिवार और समर्थकों का प्रस्तावित धरना इस मामले को और बड़ा रूप देता है।






