Indore-Dewas Bomb Factories: सिमरोल में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रही 2 सुतली बम फैक्ट्रियां और अवैध गोडाउन सील

Indore-Dewas Bomb Factories:  इंदौर: देवास में हाल ही में हुए पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद इंदौर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। अवैध पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों में लापरवाही को लेकर रविवार को सिमरोल थाना क्षेत्र के दतोदा और घोसीखेड़ा में एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई। जांच के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों में गंभीर खामियां और Safety Standards Violations (सुरक्षा मानकों का उल्लंघन) पाए जाने पर महू एसडीएम के नेतृत्व में दो सुतली बम निर्माण फैक्ट्रियों और एक अवैध भंडारण गोडाउन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

मजदूरों की जान से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी (Firecracker Factory Crackdown)

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महू एसडीएम, तहसीलदार, सिमरोल थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने दतोदा स्थित ‘लक्ष्मी फाइबर इंडस्ट्रीज’ और घोसीखेड़ा की ‘जय अम्बे पटाखा फैक्ट्री’ पर औचक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा की बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई। फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों को बेहद खतरनाक बारूद और रसायनों के बीच बिना मास्क और हैंड ग्लव्स (दस्ताने) के काम पर लगाया गया था। इसके साथ ही फैक्ट्री परिसर में आग से निपटने के मानक इंतजाम भी नदारद मिले।

रिहायशी इलाकों के बीच बन रहा था टाइम बम (Residential Area Hazard)

प्रशासनिक जांच में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ कि ये फैक्ट्रियां वर्षों पुराने लाइसेंस के आधार पर संचालित हो रही थीं। लाइसेंस मिलने के बाद के सालों में अब इन फैक्ट्रियों के आसपास बड़े पैमाने पर रिहायशी इलाके और कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। घोसीखेड़ा स्थित फैक्ट्री के बिल्कुल नजदीक एक पोल्ट्री फार्म और मजदूरों का रिहायशी निवास भी पाया गया। आबादी के बीच सुतली बमों का यह निर्माण किसी बड़े Residential Area Hazard (आवासीय क्षेत्र के खतरे) को दावत दे रहा था।

अवैध शेड में पटाखों का भारी स्टॉक (Illegal Firework Storage)

इस Joint Administrative Raid (संयुक्त प्रशासनिक छापे) के दौरान टीम ने ‘सतनाम फायरवर्क्स’ के गोडाउन पर भी कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि गोडाउन परिसर के भीतर नियमों के विरुद्ध जाकर एक अवैध शेड का निर्माण किया गया था, जहां भारी मात्रा में पटाखों और बारूदी सामग्री का अवैध भंडारण किया जा रहा था। प्रशासन ने बिना देरी किए दोनों फैक्ट्रियों और इस अवैध शेड को पूरी तरह सील कर दिया है।

बाइट: उमाकांत चौधरी, डीसीपी (ग्रामीण)

“देवास की घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में संचालित सभी पटाखा फैक्ट्रियों और गोडाउन की बारीकी से जांच की जा रही है। सिमरोल में सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही और अवैध शेड बनाकर पटाखों का भंडारण करने का मामला सामने आया है, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इन्हें सील किया गया है। जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।”

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