NEET Paper Leak Investigation : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच अब और तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लगातार इस नेटवर्क की परतें खोल रही है। दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक और अहिल्यानगर सहित कई शहरों से अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में अब शिक्षकों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिन की CBI हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने परीक्षा से पहले गोपनीय सवाल कुछ छात्रों तक पहुंचाए थे।
पुणे की सीनियर टीचर पर गंभीर आरोप
CBI जांच के अनुसार, मनीषा गुरुनाथ मंधारे पुणे की एक वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका हैं और NEET-UG परीक्षा से जुड़ी विशेषज्ञ टीम का हिस्सा थीं। जांच में सामने आया है कि उन्हें बॉटनी और जूलॉजी सेक्शन तक विशेष एक्सेस प्राप्त था।
एजेंसी को शक है कि इसी पहुंच का दुरुपयोग करते हुए कथित तौर पर परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल बाहर पहुंचाए गए। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित नेटवर्क की भूमिका नजर आ रही है।
छात्रों और अभिभावकों से लाखों की डील?
CBI के मुताबिक आरोपी मनीषा मंधारे और मनीषा वाघमारे ने कथित तौर पर छात्रों और उनके अभिभावकों से भारी रकम वसूली। आरोप है कि परीक्षा से पहले संभावित प्रश्न उपलब्ध कराने के बदले लाखों रुपए लिए गए।जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और मोबाइल चैट्स की गहराई से जांच कर रही हैं। कई संदिग्ध आर्थिक लेनदेन भी एजेंसी के रडार पर हैं।
परीक्षा से पहले हुई थी ‘स्पेशल कोचिंग’
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले विशेष कोचिंग सेशन कराए गए थे। इन सत्रों में कथित तौर पर वही प्रश्न या उससे मिलते-जुलते सवाल बताए गए, जो बाद में वास्तविक परीक्षा में पूछे गए।CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कोचिंग सेशनों का आयोजन कहां-कहां हुआ और इसमें कितने लोग शामिल थे।
कई राज्यों तक फैला पेपर लीक नेटवर्क
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है। अब तक की जांच में कई राज्यों के बीच नेटवर्किंग और डिजिटल कम्युनिकेशन के संकेत मिले हैं।
दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों में जांच टीमें लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं। CBI का फोकस अब उन लोगों तक पहुंचने पर है, जिन्होंने प्रश्नपत्र लीक करने और उसे बेचने की पूरी चैन तैयार की।
डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी CBI
CBI फिलहाल जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड, क्लाउड डेटा और बैंक डिटेल्स का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कई ऐसे डिजिटल संकेत मिले हैं, जो इस नेटवर्क को और बड़ा साबित कर सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।
NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल
देशभर के लाखों छात्र हर साल NEET परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का सपना देखते हैं। ऐसे में पेपर लीक विवाद ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका साबित होती है, तो यह देश की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए बड़ा खतरा माना जाएगा।
क्या दोबारा बदल सकती है परीक्षा प्रणाली?
पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा एजेंसियों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में डिजिटल मॉनिटरिंग, एन्क्रिप्टेड पेपर सिस्टम और परीक्षा केंद्रों पर अधिक निगरानी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।









