Measures to Prevent Heatstroke: नई दिल्ली: भारत में इस साल समय से पहले ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। मार्च के अंत तक देश के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस की सीमा को लांघ चुका है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। इस बदलते और कड़े मौसम को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। हालांकि, इस मौसम में हमारे पारंपरिक भारतीय देसी नुस्खे आज भी लू और तेज धूप के असर को बेअसर करने में सबसे मुफीद साबित हो रहे हैं।
अगर आप भी इस तपती धूप में खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बेहद आसान और असरदार उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं:
1. लू का काल है ‘आम पना’ (Measures to Prevent Heatstroke) पारंपरिक रूप से कच्चे आम का पना लू से बचाव के लिए सबसे अचूक दवा माना जाता है। कच्चे आम को उबालकर, उसमें भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। यह न केवल शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है बल्कि लू के लक्षणों को भी खत्म करता है।
2. शरीर को रखें लिक्विड से रीचार्ज (Summer Hydration Drinks) गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) सबसे बड़ी चुनौती है। इससे बचने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीने के साथ-साथ प्राकृतिक तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए। घर की बनी छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी और बेल का शरबत शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करते हैं और दिनभर ताजगी बनाए रखते हैं।
3. दोपहर की धूप से दूरी और सूती पहनावा (Beat The Heat Wave) सूरज की किरणें दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सबसे ज्यादा आक्रामक होती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर जाते समय अपने सिर और चेहरे को सूती कपड़े या छतरी से ढकें। हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें, जिससे शरीर को हवा मिलती रहे और गर्मी का अहसास कम हो।
4. जेब में प्याज और पुदीने का जादू हमारे बुजुर्गों का मानना रहा है कि गर्मी में बाहर निकलते समय जेब में एक छोटा कच्चा प्याज रखने से लू नहीं लगती। इसके अलावा, पुदीना की चटनी, पुदीने का रस या इसका शरबत पेट को ठंडा रखता है और गर्मी के कारण होने वाली अंदरूनी जलन को शांत करता है।
5. हल्का और सुपाच्य भोजन (Cooling Foods For Summer) तेज गर्मी के दिनों में हमारी पाचन शक्ति थोड़ी धीमी हो जाती है। इसलिए इस मौसम में भारी, तीखे और तले-भुने भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इसके बजाय दलिया, खिचड़ी जैसी हल्की चीजें खाएं। अपनी डाइट में पानी से भरपूर मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा, ककड़ी और खीरा जरूर शामिल करें।









