मुंबई: वैश्विक अनिश्चितताओं, डॉलर के मुकाबले रुपए पर बढ़ते दबाव और घरेलू संस्थागत व खुदरा निवेशकों द्वारा की गई भारी बिकवाली के चलते बीते कारोबारी सप्ताह (11-15 मई) में भारतीय शेयर बाजार को करारा झटका लगा है। बाजार की इस चौतरफा गिरावट के कारण देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से नौ के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केटकैप) में ₹3,12,000 करोड़ से अधिक की भारी कमी दर्ज की गई है।
इस मंदी के दौर में बीएसई (BSE) सेंसेक्स 2,090 अंक या 2.70 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,237 के स्तर पर आ गया। वहीं, एनएसई (NSE) निफ्टी भी 532 अंक या 2.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,643 के स्तर पर बंद हुआ।
विजेता केवल एक: एयरटेल की बड़ी छलांग (Stock Valuation Gainers)
बाजार में मचे इस हाहाकार के बीच केवल टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल ही एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसने निवेशकों को निराश नहीं किया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कंपनी के Market Capitalization Meltdown के रुख को पलटते हुए भारती एयरटेल का मार्केटकैप ₹42,470.13 करोड़ बढ़कर ₹11,60,525.16 करोड़ पर पहुंच गया।
एसबीआई, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक को भारी नुकसान
गिरावट का सामना करने वाली कंपनियों में देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) सबसे आगे रहा। एसबीआई का मूल्यांकन ₹52,245.3 करोड़ घटकर ₹8,88,862.32 करोड़ रह गया। आईटी सेक्टर की दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार पूंजीकरण भी ₹47,415.04 करोड़ घटकर ₹8,19,062.65 करोड़ पर आ गया।
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) को भी झटका लगा और उसकी वैल्यू ₹20,630.01 करोड़ घटकर ₹11,82,069.25 करोड़ रह गई। इसके अतिरिक्त बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मूल्यांकन में भी क्रमशः करोड़ों रुपए की भारी गिरावट देखी गई।
टॉप कंपनियों की मौजूदा रैंकिंग
साप्ताहिक गिरावट और इस Weekly Sensex Nifty Crash के बाद भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों का क्रम इस प्रकार बना हुआ है:
- एचडीएफसी बैंक
- भारती एयरटेल
- आईसीआईसीआई बैंक
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- टीसीएस
- बजाज फाइनेंस
- लार्सन एंड टुब्रो
- हिंदुस्तान यूनिलीवर
- एलआईसी
अगले हफ्ते इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर (Global Market Volatility)
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, आगामी हफ्ता (18-22 मई) भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा और महत्वपूर्ण हो सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता हुआ सैन्य व राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख और कुछ महत्वपूर्ण घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दशा और दिशा तय करेंगे।
इसके साथ ही, नए कारोबारी सत्र में Corporate Earnings Calender के तहत देश की कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे (Q4 Results) आने वाले हैं। इनमें इंडियन ऑयल, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जेएसडब्ल्यू सीमेंट, बीईएल, बीपीसीएल, लेंसकार्ट, एलआईसी, आईटीसी और नायका जैसी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां शामिल हैं, जिनके परिणामों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।









