Sawan Somvar Vrat : 4 अगस्त 2025 – आज, सोमवार, 4 अगस्त 2025, सावन मास का चौथा और अंतिम सोमवार है। इस विशेष और पवित्र अवसर पर देश भर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना की और माना जाता है कि आज के दिन व्रत रखने व व्रत कथा सुनने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Sawan Somvar Vrat : आज की सुबह से ही मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष गूँज रहे थे। भक्तों ने पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। सावन का यह अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं में एक विशेष उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला, क्योंकि यह महादेव की असीम कृपा प्राप्त करने का अंतिम सुनहरा अवसर है।
सावन के अंतिम सोमवार की विशेष व्रत कथा का महत्व
आज के दिन कई भक्तों ने भगवान शिव की महिमा बताने वाली पौराणिक व्रत कथा का श्रवण किया। यह कथा एक ऐसे साहूकार की है जिसके पास धन-धान्य की कोई कमी नहीं थी, परंतु संतानहीनता का दुख उसे सताता था। वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था और निरंतर उनकी पूजा-अर्चना करता था।
पौराणिक कथा के अनुसार, साहूकार की भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने भगवान शिव से उसे संतान सुख प्रदान करने का आग्रह किया। शिवजी ने बताया कि बालक की आयु केवल 12 वर्ष ही होगी, लेकिन साहूकार ने इसे शिव की इच्छा मानकर स्वीकार किया और उसकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। जब बालक 11 वर्ष का हुआ और शिक्षा के लिए काशी गया, तब उसकी अल्पायु पूरी होने पर वह मृत हो गया। माता पार्वती के बार-बार आग्रह करने पर भगवान शिव ने अपनी कृपा से बालक को पुनः जीवनदान दिया, जिससे सभी भक्तजन अचंभित हो गए।
मान्यता है कि सावन सोमवार को जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है और इस कथा का पाठ करता है, उसकी सभी इच्छाएँ पूर्ण होती हैं और उसके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। सावन के इस अंतिम सोमवार पर कथा का श्रवण कर भक्तों ने महादेव की असीम कृपा और आशीर्वाद प्राप्त किया। अब श्रावण मास का समापन 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा।









