Vat Savitri Vrat new update 2026:आज सुहागिनों का महापर्व, जानिए पूजा का शुभ समय, कथा और चमत्कारी उपाय

Vat Savitri Vrat new update 2026:आज देशभर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए वट सावित्री व्रत रख रही हैं। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, भक्ति और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से महिलाएं ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं।

इस बार वट सावित्री व्रत का महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि आज शनिवार होने से शनिश्चरी अमावस्या और शनि जयंती का शुभ संयोग भी बन रहा है।

वट सावित्री व्रत 2026 का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ज्येष्ठ अमावस्या तिथि आज सुबह 5:11 बजे शुरू होकर देर रात 1:30 बजे तक रहेगी। पूजा पूरे दिन की जा सकती है, लेकिन अभिजीत मुहूर्त सबसे शुभ माना गया है।

अभिजीत मुहूर्त:
सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक

इस समय पूजा करने से विशेष पुण्य और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

पूजा की थाली में रखें ये जरूरी सामग्री

वट सावित्री व्रत की पूजा के लिए महिलाएं अपनी थाली में ये सामग्री जरूर रखें—

बांस का पंखा
लाल या पीला कलावा
धूप, अगरबत्ती, कपूर और घी का दीपक
रोली, हल्दी, चंदन और अक्षत
भीगे हुए चने
फल और मिठाई
सुहाग का सामान
तांबे के लोटे में जल
बरगद के पेड़ की पूजा का महत्व

वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि बरगद में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। यह पेड़ लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।

महिलाएं स्नान और श्रृंगार के बाद बरगद के पेड़ को जल और दूध अर्पित करती हैं। इसके बाद पेड़ पर रोली और हल्दी लगाकर पूजा की जाती है। महिलाएं पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत लपेटते हुए 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

सुखी दांपत्य जीवन के लिए करें ये उपाय

आज शनिवार होने के कारण कुछ विशेष उपाय भी बेहद शुभ माने जा रहे हैं—

दीपदान करें

शाम के समय बरगद या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाएं। इससे शनि दोष कम होता है।

भीगे चने का दान

पूजा में चढ़ाए गए भीगे चने और कुछ सिक्के जरूरतमंद को दान करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

अगर व्रत टूट जाए तो क्या करें?

अगर किसी कारण से व्रत टूट जाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। धार्मिक मान्यताओं में इसके सरल उपाय बताए गए हैं।

भगवान विष्णु और माता सावित्री से क्षमा प्रार्थना करें
जरूरतमंद महिला को सुहाग सामग्री दान करें
गायत्री मंत्र या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
व्रत का पारण कैसे करें?

पूजा और कथा पूरी होने के बाद महिलाएं बरगद की कोपल और सात भीगे हुए चने ग्रहण कर व्रत का पारण करती हैं। इसके बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories