Wednesday, August 19, 2026
Home Tech Raigarh Female Lawyer Murder Investigation : रायगढ़ में महिला वकील हत्याकांड का...

Raigarh Female Lawyer Murder Investigation : रायगढ़ में महिला वकील हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: सोशल मीडिया की अफवाहों पर एसएसपी की दोटूक…

Raigarh Female Lawyer Murder Investigation : रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सनसनी फैला देने वाले महिला वकील आराधना सिदार हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूरी खूनी साजिश का पर्दाफाश किया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और तथ्यहीन जानकारियों के विपरीत, पुलिस के पास आरोपी लोकनाथ पटेल के खिलाफ मजबूत वैज्ञानिक, भौतिक और डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। यह Female Lawyer Murder Investigation (महिला वकील हत्या जांच) आरोपी को न्यायालय में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी।

फेसबुक से शुरू हुई थी दोस्ती, शादी के दबाव पर रची खूनी साजिश

पुलिस विवेचना के अनुसार, आरोपी लोकनाथ पटेल और मृतका आराधना सिदार की जान-पहचान नवंबर 2024 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में मोबाइल नंबर शेयर हुए और नजदीकियां बढ़ती गईं। इसी बीच, आरोपी लोकनाथ पटेल को 18 मई 2025 को रायपुर की एक महिला की शिकायत पर नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में रायगढ़ की महिला पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में वह 28 फरवरी 2026 को जमानत पर रिहा हुआ। जेल से बाहर आने के बाद वह दोबारा आराधना के संपर्क में आया। आरोपी पहले से विवाहित था, लेकिन जब आराधना उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगी, तो उसने रास्ते से हटाने के लिए हत्या की सुनियोजित प्लानिंग कर डाली।

महिला की आवाज निकालकर परिजनों को करता रहा गुमराह (Mimicry Expert Criminal)

इस हत्याकांड की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी लोकनाथ ने साक्ष्य छिपाने और पुलिस को भटकाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। वह मृतका के ही मोबाइल का इस्तेमाल कर उसकी बहन और सहेलियों से ‘महिला की आवाज’ (मिमिक्री) में बात करता था ताकि सबको लगे कि आराधना जिंदा है। पुलिस को जब इस पर संदेह हुआ, तो उन्होंने पुष्टि के लिए आरोपी से लाइव कॉल कराया। अधिकारियों के सामने भी आरोपी ने महिला की हूबहू आवाज निकालकर सबको चौंका दिया। आरोपी ने खुद स्वीकार किया कि उसने एक महिला वकील और परिजनों को गुमराह करने के लिए यह स्वांग रचा था।

डिजिटल और भौतिक सबूतों की भारी जब्ती (Cyber Forensic Asset Seizure)

रायगढ़ पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मृतका आराधना का मोबाइल फोन, घटना के वक्त पहने गए आरोपी के कपड़े, विस्तृत कॉल रिकॉर्ड (CDR) और कई अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा जब्त किए हैं। पुलिस इन सभी सबूतों का Digital Evidence Authentication (डिजिटल साक्ष्य प्रमाणीकरण) कराकर न्यायालय में पेश करेगी, जिससे अभियोजन पक्ष का केस बेहद मजबूत हो जाएगा।

इस पूरी जांच प्रक्रिया और आरोपी के मेमोरेंडम कथन के दौरान मृतका के वरिष्ठ वकील भुवनेश्वर बंद गोस्वामी और साथी वकील फूल सिंह यादव भी मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस की इस पारदर्शी और वैज्ञानिक जांच पर पूरी संतुष्टि व्यक्त की है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह : “रायगढ़ पुलिस इस संवेदनशील हत्या प्रकरण की जांच पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। कानून के दायरे में रहकर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम जनता से अपील है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करें। यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई वास्तविक तथ्य है, तो वह पुलिस के पास आकर विवेचना में सहयोग करे।”

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here