MP RTO Checkpost News : जबलपुर/भोपाल। मध्य प्रदेश में आरटीओ (RTO) चेकपोस्ट दोबारा शुरू करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जबलपुर उच्च न्यायालय ने एक रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) पर सुनवाई करते हुए अपने ही पुराने फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब प्रदेश की सीमाओं पर भौतिक चेकपोस्ट फिलहाल नहीं खुलेंगे। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस फैसले को ‘न्याय की बड़ी जीत’ करार दिया है।
केंद्र के निर्देशों का हवाला सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार ने देश भर में निर्बाध परिवहन (Seamless Transport) सुनिश्चित करने के लिए भौतिक चेकपोस्ट बंद करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की कि वर्तमान समय में हाईवे पर जांच की नई और उन्नत तकनीकें उपलब्ध हैं, ऐसे में भौतिक चेकपोस्ट की अनिवार्यता नहीं रह गई है। ट्रांसपोर्टर्स का तर्क था कि चेकपोस्ट दोबारा खुलने से न केवल भ्रष्टाचार बढ़ेगा, बल्कि माल ढुलाई की गति भी प्रभावित होगी।
क्या था पिछला घटनाक्रम? उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 30 दिनों के भीतर बंद पड़े चेकपोस्ट खोलने के निर्देश दिए थे। सरकार ने भी ओवरलोडिंग रोकने के लिए अंडरटेकिंग देते हुए चेकपोस्ट खोलने की तैयारी कर ली थी। हालांकि, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने इस फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दायर की, जिस पर अब कोर्ट ने रोक लगा दी है।
भ्रष्टाचार पर लगाम की उम्मीद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि चेकपोस्ट बंद रहने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। कोर्ट के ताजा आदेश से उन हजारों ट्रक ऑपरेटरों ने राहत की सांस ली है जो चेकपोस्ट पर होने वाली कथित अवैध वसूली और देरी से परेशान थे। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार और केंद्र के दिशा-निर्देशों के बीच तालमेल पर विस्तृत विचार किया जाएगा।









