Betul Wheat Procurement : बैतूल (मध्य प्रदेश)। एक ओर मध्य प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा और समृद्धि के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले बैतूल में ही इन दावों की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम जुवाड़ी की सहकारी संस्था में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को भारी अव्यवस्थाओं और तौल में कथित ‘लूट’ का सामना करना पड़ रहा है।
सिर्फ फ्लेक्स तक सीमित सरकारी वादे शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार खरीदी केंद्रों पर प्रतीक्षा कक्ष, कैंटीन, पेयजल और फर्स्ट ऐड बॉक्स की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन जुवाड़ी केंद्र पर ये सुविधाएं सिर्फ विज्ञापनों और फ्लेक्स तक ही सीमित रह गई हैं। 45 डिग्री की भीषण गर्मी में किसान खुले आसमान के नीचे अपनी फसल तुलवाने को मजबूर हैं। पीने के पानी के लिए भी उन्हें काफी दूर पैदल चलना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र की महिला प्रबंधक को शासन द्वारा जारी इन निर्देशों की जानकारी तक नहीं है।
तौल में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर तौल के नाम पर उनके साथ ‘खुली लूट’ की जा रही है। बारदाने के वजन की आड़ में निर्धारित मात्रा से अधिक अनाज तौला जा रहा है, जिसे किसान अपनी आंखों के सामने अनाज की चोरी बता रहे हैं। शिकायत के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
धूप में जमीन पर बैठने को मजबूर किसान भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच किसानों के लिए न तो टेंट की व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए कुर्सियों की। किसान वेयर हाउस के बाहर जमीन पर बैठने को मजबूर हैं। चाय-नाश्ते के लिए उन्हें एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। आरोप है कि टेंट और अन्य सुविधाओं के नाम पर सरकारी बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि धरातल पर व्यवस्थाएं शून्य हैं।
अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन इन लापरवाह केंद्र प्रभारियों पर कोई कार्रवाई करता है या भाजपा के ‘हॉट स्पॉट’ जिले में किसानों के साथ इसी तरह अन्याय होता रहेगा।









