Saturday, September 26, 2026
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बंगाल में सत्ता बदलते ही बड़े फैसले! अब लागू होगा BNS… BSF को जमीन से लेकर आयुष्मान योजना तक को मिली हरी झंडी

CM Suvendu Adhikari
CM Suvendu Adhikari

West Bengal New Cabinet Decisions :पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहली ही कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लेकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू करने, भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू करने और BSF को 45 दिन के भीतर जमीन उपलब्ध कराने जैसे अहम निर्णय लिए गए।

सरकार की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि अब केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को बंगाल में तेजी से लागू किया जाएगा।

बंगाल में अब लागू होगी आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना को लेकर लंबे समय से केंद्र और पूर्व राज्य सरकार के बीच विवाद बना हुआ था। पिछली सरकार ने राज्य की “स्वास्थ्य साथी” योजना का हवाला देते हुए केंद्र की योजना लागू करने से इनकार किया था।

अब नई सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना लागू करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी प्रमुख योजनाएं अब पश्चिम बंगाल में लागू की जाएंगी।इस फैसले से राज्य के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बंगाल में लागू होगा BNS कानून

देशभर में पुराने ब्रिटिश कालीन आपराधिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए जा चुके हैं। हालांकि पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया अब तक लंबित थी।

नई सरकार ने अब इन कानूनों को लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नए कानूनी ढांचे के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही केस दर्ज करने और जांच प्रक्रिया को भी अपडेट किया जाएगा।

नए कानूनों से क्या बदल जाएगा?

BNS लागू होने के बाद एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, डिजिटल सबूतों के इस्तेमाल और महिलाओं व बच्चों से जुड़े अपराधों की सुनवाई में कई बदलाव होंगे।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक तकनीकी, पारदर्शी और समयबद्ध बन सकेगी। अब राज्य में दर्ज होने वाले सभी नए मामले नए कानूनों के तहत दर्ज किए जाएंगे।

BSF को जमीन देने का भी फैसला

पहली कैबिनेट बैठक में BSF को 45 दिनों के भीतर जमीन उपलब्ध कराने का फैसला भी लिया गया। माना जा रहा है कि सीमा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

नई सरकार के इन फैसलों को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे केंद्र और राज्य सरकार के बीच लंबे समय से चले आ रहे कई विवाद खत्म हो सकते हैं।

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