Wednesday, August 19, 2026
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Telegram Ban Latest Update: नीट पेपर लीक के बाद अब पायरेसी विवाद में घिरा टेलीग्राम, दी 15 दिन की मोहलत

Telegram Ban Latest Update: नई दिल्ली: देश के मनोरंजन उद्योग और डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी को खोखला कर रही फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट की पायरेसी पर केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक ‘टेलीग्राम’ (Telegram) को एक विधिक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के जरिए टेलीग्राम प्रशासन को अपने प्लेटफॉर्म पर धड़ल्ले से चल रहे पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य प्रीमियम डिजिटल कंटेंट के अवैध प्रसार पर तुरंत और प्रभावी रोक लगाने का सख्त निर्देश दिया गया है।

15 दिन की विधिक समय-सीमा, देनी होगी पूरी रिपोर्ट

मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों और अवैध कंटेंट को हटाने के लिए तत्काल कदम उठाए। इसके साथ ही, इस नोटिस का जवाब देने और पायरेसी के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई की एक विस्तृत और व्यापक रिपोर्ट सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए टेलीग्राम को केवल 15 दिनों का समय दिया गया है।

क्रिएटर इकोनॉमी और फिल्म उद्योग को हो रहा अरबों का नुकसान

सरकार का विधिक और आर्थिक मानना है कि टेलीग्राम पर होने वाली इस बेलगाम पायरेसी के कारण भारत की तेजी से उभरती क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy), घरेलू फिल्म उद्योग, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स को हर साल अरबों रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है। इसी गंभीर विसंगति को ध्यान में रखते हुए, बौद्धिक संपदा और कॉपीराइट सामग्री की विधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि टेलीग्राम को भारतीय कानूनों के तहत अवैध रूप से साझा की जा रही सामग्रियों पर हर हाल में प्रभावी रोक लगानी होगी।

पहले भी प्रतिबंध का दंश झेल चुका है टेलीग्राम

यह कोई पहली बार नहीं है जब टेलीग्राम सरकारी और नियामकीय एजेंसियों के रडार पर आया है। पिछले कुछ महीनों के दौरान यह मैसेजिंग प्लेटफॉर्म संगठित धोखाधड़ी, फर्जी प्रोफाइल के जरिए संवेदनशील डेटा के प्रसार और भ्रामक व अश्लील सामग्री फैलाने जैसे संगीन मामलों के कारण जांच के दायरे में रहा है।

गौरतलब है कि इसी साल 22 जून तक, सरकार ने कानून व्यवस्था और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए टेलीग्राम और उससे जुड़ी वेब सेवाओं पर एक सप्ताह के लिए पूर्ण प्रतिबंध भी लगा दिया था। वह कड़ी कार्रवाई नीट (NEET) मेडिकल प्रवेश परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने में प्लेटफॉर्म की विफलता के बाद की गई थी। हालांकि, बाद में टेलीग्राम द्वारा सुधारात्मक कदम उठाने के बाद प्रतिबंध हटा लिया गया था, लेकिन पायरेसी के इस नए जिन्न ने एक बार फिर भारत में टेलीग्राम के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

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