CG Chintan Shivir 3.0: रायपुर: छत्तीसगढ़ को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के संकल्प के साथ राजधानी रायपुर के भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) में दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल ‘चिंतन शिविर 3.0’ का भव्य आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष शिविर में राज्य के पूरे मंत्रिमंडल सहित शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस बौद्धिक समागम में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन, पारदर्शी सुशासन, नीति निर्माण, प्रशासनिक नवाचार और परिणाम-आधारित कार्यसंस्कृति जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक मंथन किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस शिविर के माध्यम से लोक कल्याणकारी योजनाओं को गति देना है।
गौर गोपाल दास और गगन नारंग सिखाएंगे नेतृत्व के गुण
इस चिंतन शिविर की सबसे खास बात यह है कि इसमें मंत्रियों और अधिकारियों का विधिक व नैतिक मार्गदर्शन करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित और विषय-विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास मंत्रियों को जीवन मूल्यों, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक नेतृत्व और व्यक्तिगत विकास के सूत्रों से अवगत कराएंगे। वहीं, भारत के गौरव और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता निशानेबाज गगन नारंग अपने खेल जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन, दबाव में सटीक निर्णय लेने और अंतिम लक्ष्य को हासिल करने की रणनीतियों पर व्याख्यान देंगे।
नीति आयोग के सदस्य मजबूत करेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सुशासन
प्रशासनिक और आर्थिक मोर्चे पर राज्य को सुदृढ़ बनाने के लिए नीति आयोग की टीम भी इस शिविर में कमान संभाले हुए है। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर भविष्य की शासन व्यवस्था में आधुनिक तकनीक, डेटा मैनेजमेंट और नवाचार (Innovation) आधारित प्रशासन के उपयोग पर अपनी रिपोर्ट रखेंगे। इसके साथ ही, नीति आयोग के ही सदस्य और प्रख्यात कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद छत्तीसगढ़ की बुनियादी ताकत यानी कृषि, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर व मजबूत बनाने के व्यावहारिक विधिक उपायों की ट्रेनिंग देंगे।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई दिशा, विभागों में बेहतर समन्वय का लक्ष्य
शिविर के अन्य सत्रों में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के पूर्व सचिव सुमन बिल्ला पर्यटन और सेवा क्षेत्र (Service Sector) में छत्तीसगढ़ के भीतर रोजगार के नए अवसरों तथा वैश्विक निवेश की संभावनाओं पर अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं शिक्षाविद डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन, मूल्य आधारित राजनीति और प्रभावी प्रशासन पर मंत्रियों के साथ संवाद करेंगे।
साय सरकार का स्पष्ट विजन है कि इस चिंतन शिविर 3.0 के माध्यम से सभी सरकारी विभागों के बीच की विसंगतियों को दूर कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, फाइल क्लियरेंस की निर्णय प्रक्रिया को तेज किया जाए और आम जनता के प्रति जवाबदेह, पारदर्शी व नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। अब देखना यह होगा कि इस दो दिवसीय महामंथन से छत्तीसगढ़ के विकास का क्या नया खाका निकलकर सामने आता है।







