Nitin Gadkari-Ethanol Policy: E20 पर विवाद क्यों? क्या गाड़ियां खराब होती हैं?, नितिन गडकरी ने दी सफाई

Sanjay Sahu
Nitin Gadkari-Ethanol Policy

Nitin Gadkari-Ethanol Policy: नई दिल्ली। इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन में उनकी हिस्सेदारी केवल 0.07 फीसदी है, इसलिए इस नीति से उन्हें कोई निजी आर्थिक लाभ नहीं होता। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार और साजिश करार दिया।

Nitin Gadkari-Ethanol Policy: एक इंटरव्यू में गडकरी ने कहा कि उनके परिवार का चीनी कारोबार सरकार की इथेनॉल नीति लागू होने से पहले से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पेट्रोलियम मंत्रालय, केंद्रीय मंत्रिमंडल और वैज्ञानिक संस्थानों से चर्चा के बाद लिया गया है।

Nitin Gadkari-Ethanol Policy: E20 पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों पर गडकरी ने कहा कि अब तक कोई यह साबित नहीं कर पाया है कि इस ईंधन से किसी पेट्रोल वाहन को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसा कोई प्रमाण है तो वह उसे सामने लाए। अगर किसी वाहन को E20 ईंधन से नुकसान होने की शिकायत मिलती है, तो मंत्रालय उसकी जांच कराएगा और शिकायत सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Nitin Gadkari-Ethanol Policy: गडकरी ने कहा कि इथेनॉल नीति का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना, कच्चे तेल के आयात में कमी लाना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि गन्ने जैसी फसलों से किसानों को बेहतर आय मिल सकती है और यह नीति स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Nitin Gadkari-Ethanol Policy: उन्होंने यह भी कहा कि मारुति सुजुकी, टोयोटा, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी कंपनियों ने E20 पेट्रोल से वाहनों के खराब होने की कोई शिकायत नहीं की है। गडकरी के अनुसार, अमेरिका, ब्राजील, जापान, जर्मनी, थाईलैंड और स्वीडन जैसे कई देशों में भी इथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।

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