Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की ओर से एक नया बयान सामने आया है। पाकिस्तान की सेना के अनुसार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में हुई कोर कमांडर्स बैठक में देश के हिस्से के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी है।
सिंधु जल संधि को लेकर स्थिति उस समय बदली जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बयान सामने आते रहे हैं।
बैठक के बाद क्या कहा गया?
सिंधु जल संधि पर जारी आधिकारिक बयान में पाकिस्तान की सेना ने कहा कि देश के हिस्से के पानी को सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने की बात बैठक में दोहराई गई। सेना प्रमुख की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे बयान
सिंधु जल संधि को लेकर इससे पहले भी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठकों के बाद आधिकारिक बयान जारी किए जा चुके हैं। अप्रैल 2025 में भी पाकिस्तान की ओर से इस विषय पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई थी। अब एक बार फिर इस मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से नया बयान सामने आया है।
क्या है सिंधु जल संधि?
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। इस समझौते में सिंधु नदी प्रणाली के जल के उपयोग से जुड़े प्रावधान तय किए गए थे। यह संधि कई दशकों तक दोनों देशों के बीच लागू रही और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जल समझौतों में गिना जाता है।
आगे क्या हो सकता है?
सिंधु जल संधि को लेकर आगे की स्थिति दोनों देशों के आधिकारिक निर्णयों और कूटनीतिक बातचीत पर निर्भर करेगी। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से नया बयान सामने आया है, जबकि इस विषय पर भारत की आधिकारिक नीति पहले से घोषित निर्णयों के अनुरूप है।







