Chhattisgarh Monsoon Tourism: छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन का मौसम शुरू होते ही राज्य की प्राकृतिक सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। पहाड़, जंगल, झरने और ऐतिहासिक स्थल बारिश के दिनों में बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। अगर आप इस मानसून में परिवार या दोस्तों के साथ घूमने की योजना बना रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ की ये पांच जगहें आपकी ट्रिप को यादगार बना सकती हैं।
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन की बात हो और चित्रकूट जलप्रपात का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता। बस्तर जिले में इंद्रावती नदी पर स्थित यह जलप्रपात अपनी चौड़ाई और तेज बहाव के कारण ‘भारत का नियाग्रा’ भी कहलाता है। मानसून में यहां पानी का प्रवाह कई गुना बढ़ जाता है, जिससे इसका नजारा बेहद शानदार हो जाता है। यह रायपुर से लगभग 275 किलोमीटर दूर है।
मैनपाट: बादलों के बीच सुकून का सफर
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन के लिए सरगुजा का मैनपाट भी शानदार विकल्प है। इसे छत्तीसगढ़ का ‘मिनी तिब्बत’ कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां की वादियां बादलों से ढक जाती हैं। टाइगर पॉइंट, फिश पॉइंट और उल्टा पानी जैसी जगहें पर्यटकों को खास अनुभव देती हैं। रायपुर से इसकी दूरी लगभग 360 किलोमीटर है।
घटारानी और जतमई: रायपुर के पास शानदार वीकेंड डेस्टिनेशन
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन के दौरान अगर ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते, तो घटारानी और जतमई सबसे अच्छे विकल्प हैं। रायपुर से करीब 85 किलोमीटर दूर स्थित ये दोनों झरने घने जंगलों और हरियाली के बीच बसे हैं। बारिश के समय यहां का साफ पानी और प्राकृतिक वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। परिवार और दोस्तों के साथ एक दिन की यात्रा के लिए यह जगह काफी लोकप्रिय है।
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सिरपुर: इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन में महासमुंद का सिरपुर भी खास स्थान रखता है। महानदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक नगर अपने प्राचीन मंदिरों और पुरातात्विक धरोहरों के लिए जाना जाता है। बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और शांत वातावरण यात्रा को और भी खास बना देते हैं। रायपुर से इसकी दूरी करीब 80 किलोमीटर है।
चार्रे-मारे झरना: प्रकृति प्रेमियों के लिए छिपा हुआ खजाना
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन के दौरान कांकेर जिले का चार्रे-मारे झरना भी जरूर देखना चाहिए। घने जंगलों के बीच लगभग 16 मीटर की ऊंचाई से गिरता यह झरना मानसून में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। ट्रैकिंग और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। रायपुर से इसकी दूरी लगभग 140 किलोमीटर है।
मानसून यात्रा के दौरान रखें ये सावधानियां
छत्तीसगढ़ मानसून पर्यटन का आनंद लेते समय सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। तेज बहाव वाले झरनों और नदी-नालों के बहुत करीब न जाएं। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से चलें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। इससे आपकी यात्रा सुरक्षित और यादगार बनी रहेगी।







