Ratlam School Protest:सिकंदर पटेल\रतलाम। रतलाम जिले के शासकीय माध्यमिक विद्यालय सिखेड़ी में बुधवार को शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति, नई बिल्डिंग का निर्माण नहीं होने, मिड-डे मील में कथित अनियमितताओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से नाराज छात्र स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण भी शामिल हुए।
धरने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों और अभिभावकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एक साल पहले भी हुआ था प्रदर्शन, अब तक नहीं मिला समाधान
Ratlam School Protest: प्रदर्शन कर रहे छात्रों और ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले भी जर्जर स्कूल भवन और छतों की मरम्मत तथा नई बिल्डिंग निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। उस समय केवल आश्वासन मिला, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इसी कारण बच्चों और अभिभावकों ने एक बार फिर विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया।
कलेक्टर से बात करने की मांग पर अड़े छात्र
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। उनका कहना था कि वे सीधे कलेक्टर से बात कर अपनी समस्याएं बताना चाहते हैं।काफी देर तक चली समझाइश के बाद छात्रों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी सभी समस्याएं विस्तार से रखीं।
बच्चों ने गिनाईं स्कूल की समस्याएं
Ratlam School Protest: धरने के दौरान छात्रों ने स्कूल की कई गंभीर समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। छात्रों ने मांग की कि—
- जर्जर भवन के स्थान पर जल्द नई स्कूल बिल्डिंग बनाई जाए।
- मिड-डे मील व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की जांच हो।
- स्कूल में स्वच्छ शौचालय और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था की जाए।
- शिक्षकों की लापरवाही पर कार्रवाई की जाए।
- स्कूल परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
अभिभावकों ने लगाए गंभीर आरोप
Ratlam School Protest: प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि कई बार बच्चों से ही भोजन की थालियां साफ कराई जाती हैं, जबकि स्वच्छता की उचित व्यवस्था नहीं है।अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि छात्र इन समस्याओं की शिकायत करते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है और टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) देने की धमकी तक दी जाती है।
अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
Ratlam School Protest: मौके पर मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि यदि जांच में किसी शिक्षक या मिड-डे मील संचालित करने वाले स्व-सहायता समूह की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्कूल की बदहाल व्यवस्था में वास्तविक सुधार होना चाहिए ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।







