Chhattisgarh Liquor Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोपी कांग्रेस नेता एवं पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने हिरासत में ले लिया है। रामगोपाल अग्रवाल नान (NAN) के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वे पिछले करीब तीन वर्षों से फरार बताए जा रहे थे और ईडी तथा EOW उनकी तलाश कर रही थीं।
Chhattisgarh Liquor Scam: जानकारी के मुताबिक, कस्टम मिलिंग घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया था। इससे एक दिन पहले EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से लंबी पूछताछ की थी। इसके बाद रामगोपाल अग्रवाल स्वयं EOW कार्यालय पहुंचे, जहां एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। अब उनसे तीनों मामलों में पूछताछ की जा रही है।
Chhattisgarh Liquor Scam: कस्टम मिलिंग घोटाले में आरोप है कि वर्ष 2015 से 2023 के बीच धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में नियमों का उल्लंघन कर कुछ मिलर्स को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। EOW का दावा है कि इस मामले में करीब 127 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई है। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
Chhattisgarh Liquor Scam: कोल लेवी घोटले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन और खनन से जुड़े कारोबारियों से प्रति टन अवैध वसूली की गई। जांच के अनुसार इस कथित नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। मामले में कई अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
Chhattisgarh Liquor Scam: वहीं, शराब घोटले में ईडी और EOW का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब बिक्री, कमीशनखोरी और राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस कथित घोटाले की राशि करीब 3,200 करोड़ रुपये है। हालांकि इन सभी मामलों में आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच व अदालती प्रक्रिया जारी है।







