Tikamgarh Geeta Bhawan: जमील खान\ टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ शहर में स्थित करीब 100 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की इमारत को नया जीवन मिलने जा रहा है। नजरबाग परिसर में स्थित इस धरोहर भवन का जीर्णोद्धार कर इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘गीता भवन’ और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 99 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।प्रशासन का उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को संरक्षित रखते हुए इसे धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दिए विकास के निर्देश
बुधवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई इमारत बनाने के बजाय इस ऐतिहासिक भवन को संरक्षित करते हुए इसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि यह भवन टीकमगढ़ की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए।
99 लाख रुपये से होगा संरक्षण और जीर्णोद्धार
कलेक्टर ने भवन की मरम्मत और संरक्षण के लिए 99 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। बजट स्वीकृत होते ही लोक निर्माण विभाग ने भवन को मजबूत बनाने और जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ कर दिया है।प्रशासन का लक्ष्य है कि यह ऐतिहासिक इमारत आने वाले वर्षों तक सुरक्षित रहे और शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बने।
गीता भवन के साथ बनेगी आधुनिक लाइब्रेरी और म्यूजियम
Tikamgarh Geeta Bhawan: वर्तमान में इस भवन में एक बड़ा सभागार (हॉल), 11 कमरे, चारों ओर गैलरी तथा पर्याप्त खुला परिसर उपलब्ध है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इसी परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन, लाइब्रेरी और संग्रहालय (म्यूजियम) विकसित किया जाएगा।
प्रस्तावित म्यूजियम में टीकमगढ़ और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय इतिहास और विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी इससे जोड़ने का अवसर मिलेगा।
परिसर में बनेगा ओपन एयर थिएटर
कलेक्टर ने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ओमपाल सिंह भदौरिया और प्रभारी अध्यक्ष अंजलि शर्मा को स्वीकृत ड्राइंग के अनुसार निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही परिसर में एक मुक्ताकाश मंच (ओपन एयर थिएटर) भी विकसित किया जाएगा, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाट्य प्रस्तुतियां, साहित्यिक आयोजन और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी।
बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया आयाम
Tikamgarh Geeta Bhawan: प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद टीकमगढ़ को एक नया सांस्कृतिक केंद्र मिलेगा। यह परिसर धार्मिक आयोजनों, साहित्यिक कार्यक्रमों, कला प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख स्थल बनेगा।साथ ही, बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







