Surajpur News: विष्णु कसेरा, सूरजपुर: सूरजपुर/प्रतापपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम खूंशी में अच्छी बारिश की कामना को लेकर ग्रामीणों ने सदियों पुरानी लोक परंपरा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। अल्प वर्षा की स्थिति के बीच गांव में मेढ़क और मेढ़की का पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। इस अनोखे आयोजन ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
Surajpur News: विवाह से पहले मेढ़क-मेढ़की की भव्य बारात गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ पूरे गांव में निकाली गई। बारात में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा उत्साहपूर्वक शामिल हुए। ग्रामीण बाराती बनकर नाचे-गाए, जबकि महिलाओं ने मंगल गीत गाकर पूरे आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। गांव में दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा।
Surajpur News: ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है। मान्यता है कि मेढ़क-मेढ़की का विवाह कराने से वर्षा के देवता इंद्र प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है, जिससे खेती-किसानी को लाभ मिलता है। इसी लोकविश्वास के चलते जब भी वर्षा कम होती है, ग्रामीण सामूहिक रूप से इस अनुष्ठान का आयोजन करते हैं।
Surajpur News: इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे इलाके में होती रही। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस दुर्लभ आयोजन को देखने पहुंचे। लोगों ने इसे भारतीय लोक संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का अनूठा उदाहरण बताया।
Surajpur News: ग्रामीणों ने विवाह के बाद इंद्र देव से क्षेत्र में अच्छी बारिश, भरपूर फसल और किसानों की खुशहाली की प्रार्थना की। उनका विश्वास है कि सामूहिक आस्था और परंपरा के इस आयोजन से प्रकृति अवश्य प्रसन्न होगी और जल्द ही अच्छी वर्षा होगी।







