Monday, September 28, 2026
Home Madhya Pradesh Singrauli Collectorate Controversy : सिंगरौली कलेक्ट्रेट में ‘स्टेनो राज’: अधिकारियों के नंबर...

Singrauli Collectorate Controversy : सिंगरौली कलेक्ट्रेट में ‘स्टेनो राज’: अधिकारियों के नंबर देने से इनकार, पत्रकारों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर उठाए सवाल

Singrauli Collectorate Controversy : सिंगरौली। ऊर्जा धानी के रूप में विख्यात सिंगरौली जिला अपनी औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ अब प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर भी चर्चा में है। जिला कलेक्ट्रेट में हाल ही में एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने ‘सूचना के अधिकार’ और ‘प्रशासनिक पारदर्शिता’ के दावों की पोल खोल दी है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों, विशेषकर स्टेनो के अड़ियल रवैये के कारण पत्रकारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शाखाओं के बीच चक्कर काटने को मजबूर पत्रकार मामला उस समय गरमाया जब जिले के कुछ वरिष्ठ पत्रकार विभागीय जानकारी साझा करने और अधिकारियों से पक्ष लेने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट पहुंचे। जनसंपर्क शाखा से लेकर स्थापना शाखा तक, पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर मांगे। आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें सहायता देने के बजाय एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर दौड़ाया। अंततः, कलेक्टर कार्यालय में मौजूद स्टेनो ने नंबर देने से साफ मना कर दिया, जिससे पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी गई।

स्टेनो के व्यवहार पर गंभीर सवाल पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा कलेक्टर के स्टेनो के व्यवहार की हो रही है। पत्रकारों का आरोप है कि स्टेनो ने न केवल असहयोगात्मक रुख अपनाया, बल्कि जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए सीधे कलेक्टर से बात करने की नसीहत दे डाली। सवाल यह उठ रहा है कि यदि जिला प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र पर ही अधिकारियों की संपर्क सूची उपलब्ध नहीं होगी, तो आम नागरिक अपनी समस्याओं के लिए कहाँ जाएगा?

पारदर्शिता बनाम प्रशासनिक गोपनीयता पत्रकारों ने पुलिस विभाग का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अधिकारियों की सूची और नंबर सार्वजनिक रहते हैं, फिर कलेक्ट्रेट में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं है? यह मामला केवल एक फोन नंबर का नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा है। पत्रकारों का कहना है कि वे इस पूरे प्रकरण को जिला कलेक्टर के समक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि इस मामले पर जब जिला कलेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने भी फोन उठाना उचित नहीं समझा, जिससे स्थिति और अधिक संदेहास्पद हो गई है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here