Principal suspended : बालोद\ जिले में 8 प्राचार्यों के निलंबन के बाद शिक्षा विभाग में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा स्तर और परीक्षा परिणामों में गिरावट को आधार बनाकर की गई कार्रवाई अब प्रशासन के लिए ही मुश्किल बनती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हैं कि निलंबन आदेश जारी होने के बाद अब प्रशासनिक अधिकारी इस पूरे मामले पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
Principal suspended :जानकारी के मुताबिक, जिले के 8 प्राचार्यों को कमजोर परीक्षा परिणाम और शिक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर निलंबित किया गया था। लेकिन कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में असंतोष बढ़ गया है और प्राचार्य संगठन खुलकर विरोध में उतर आया है।
कलेक्टर और DEO की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
Principal suspended :मामले के तूल पकड़ने के बाद दिव्या मिश्रा ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने भी साफ कहा कि वे इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगी।
हालांकि, जारी आदेश में शिक्षा स्तर में गिरावट को निलंबन का आधार बताया गया है, लेकिन अब उसी फैसले पर प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में आ गई है।
प्राचार्य संगठन ने खोला मोर्चा
Principal suspended :निलंबन के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रांत प्राचार्य एसोसिएशन के पदाधिकारी बालोद पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई।
Principal suspended :इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी एम.आर. खान ने कहा कि बिना जांच और तथ्यात्मक अध्ययन के प्राचार्यों को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन ने परीक्षा परिणामों का गंभीर विश्लेषण किया? क्या स्कूलों में संसाधनों और शिक्षकों की कमी का आकलन किया गया?
उन्होंने कहा कि केवल रिजल्ट खराब आने के आधार पर सीधे निलंबन जैसी कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता।
शिक्षा विभाग में बढ़ी बेचैनी
Principal suspended :पूरे घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। कई शिक्षकों और अधिकारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा जारी है। प्राचार्य संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि निष्पक्ष समीक्षा नहीं हुई तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
Principal suspended :कलेक्टर से चर्चा के बाद संगठन ने बातचीत को सकारात्मक बताया है, लेकिन फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और विवादित कार्रवाई जिले में चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है।









