Wednesday, September 30, 2026
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PM Modi Gold Appeal : पीएम की ‘सोना न खरीदने’ की अपील से सराफा बाजार में हलचल; मंदी के संकट से डरे व्यापारी और कारीगर

PM Modi Gold Appeal : इंदौर/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम जनता से एक वर्ष तक सोने के आभूषण न खरीदने की अपील किए जाने के बाद सराफा बाजार में हड़कंप मच गया है। पहले से ही रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और मंदी की मार झेल रहे ज्वेलरी उद्योग के लिए यह अपील एक नई चुनौती बनकर उभरी है। कारोबारियों का मानना है कि यदि खरीदारी में गिरावट आती है, तो इस क्षेत्र से जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो सकता है।

व्यापारियों की चिंता: रोजगार और आर्थिक बोझ ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, पिछले एक साल से सोने-चांदी की आसमान छूती कीमतों के कारण ग्राहक पहले ही बाजार से दूरी बनाए हुए थे। व्यापारियों का कहना है कि एक दुकान के साथ कारीगर, सेल्समैन और छोटे कामगारों की एक बड़ी चेन जुड़ी होती है। दुकानों का भारी-भरकम किराया, बैंक लोन की किश्तें और कर्मचारियों का वेतन निकालना अब और भी मुश्किल हो जाएगा। कारोबारियों को डर है कि इस अपील का मनोवैज्ञानिक असर ग्राहकों पर पड़ेगा, जिससे आगामी वैवाहिक सीजन का व्यापार प्रभावित हो सकता है।

परंपरा बनाम अपील: ग्राहकों का नजरिया दूसरी ओर, आम जनता का मानना है कि भारतीय संस्कृति में सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपरा का अनिवार्य हिस्सा है। ग्राहकों का कहना है कि शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्यों में दूल्हे की अंगूठी या दुल्हन का मंगलसूत्र खरीदना एक ‘शगुन’ है, जिसे पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है। हालांकि, महंगाई के कारण ग्राहकों ने अपनी खरीदारी की मात्रा आधी कर दी है। जो लोग पहले 10 ग्राम सोना खरीदते थे, वे अब बजट के चलते 5 ग्राम तक सीमित हो गए हैं।

आर्थिक जानकारों की राय आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की इस अपील के पीछे व्यापक राष्ट्रीय हित हो सकता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण आयातकों में से एक है। यदि सोने की मांग घटती है, तो आयात कम होगा, जिससे देश की विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ‘करंट अकाउंट डेफिसिट’ (CAD) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि इसका दूसरा पक्ष रिटेल सेक्टर में छंटनी और व्यापारिक नुकसान के रूप में सामने आ सकता है।

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