Indore Food Department Raid : इंदौर। भीषण गर्मी के बीच ठंडे पेय पदार्थों और आइसक्रीम की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर विभाग की संयुक्त टीम ने शहर की आइसक्रीम निर्माण इकाइयों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान राजाराम नगर स्थित एक फैक्ट्री को सील कर दिया गया, वहीं एक अन्य इकाई में भारी अनियमितताएं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
चैंपियंस आइसक्रीम पर ताला खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब राजाराम नगर स्थित ‘चैंपियंस आइसक्रीम एंड फ्रोजन फूड’ का निरीक्षण किया, तो वहां की स्थिति देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। मौके पर अस्वच्छ परिस्थितियों में कच्चे माल का भंडारण किया जा रहा था और आइसक्रीम जमाने के लिए जंग लगे सांचों का उपयोग हो रहा था। पैकेजिंग पर अनिवार्य लेबलिंग जानकारी भी गायब थी। इन गंभीर खामियों के चलते विभाग ने वैध लाइसेंस मिलने तक यूनिट का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है।
रुद्राक्ष आइसक्रीम में अस्वच्छता और बिना लेबल के फ्लेवर कार्रवाई का दूसरा हिस्सा छोटा बांगड़दा स्थित ‘रुद्राक्ष आइसक्रीम’ इकाई पर हुआ। यहाँ निर्माण स्थल पर गंदगी पाई गई और कई फ्लेवर बिना किसी लेबल के मिले। अधिकारियों ने मौके पर ही इन बिना लेबल वाले फ्लेवर्स को नष्ट करवाया और आइसक्रीम व टूटी-फ्रूटी के नमूने जांच के लिए लैब भेजे। खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि इस इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
कुल 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए पूरी कार्रवाई के दौरान दोनों इकाइयों से कुल 10 सैंपल लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में उपयोग होने वाले पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट न होना और स्वच्छता मानकों की अनदेखी करना लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में शीतल पेय और अन्य खाद्य इकाइयों पर भी इसी तरह की आकस्मिक जांच जारी रहेगी।









