नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025। योगगुरु बाबा रामदेव ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के विवादित बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पहली बार खुलकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग देश और समाज के लिए किसी भी क्षेत्र में योगदान नहीं देते, उन्हें “गुरु” कहना सनातन धर्म का अपमान है।
बाबा रामदेव ने स्पष्ट कहा, “गुरु वही है जिसने उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा में योगदान दिया हो। जिसने भारत को भारत बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाई, उसे बकवास करने का अधिकार नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा कि जीवन में चरित्र, पवित्रता और पुरुषार्थ जरूरी हैं। कई लोग केवल प्रवचन के नाम पर “प्रवंचना” करते हैं, जिसमें न तथ्य होते हैं, न विज्ञान और न सच्चाई। ऐसे लोगों को सुनना और बढ़ावा देना बंद करना चाहिए।
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महिलाओं और आचरण पर टिप्पणी
महिलाओं पर कथावाचक के विवादित कथनों पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव ने कहा, “किसी भी वर्ग, पुरुष या महिला की निंदा करना गलत है। किसी को टारगेट करके ओछी बातें करना खुद में ओछापन है। कोई सभ्य व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि उम्र या पद किसी को किसी की निंदा करने का अधिकार नहीं देता।
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ट्रंप के टैरिफ पर भी बोले बाबा
अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले पर बाबा रामदेव ने कहा कि यह अमेरिका की अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की रणनीति है। वहां महंगी मजदूरी और संसाधनों के चलते प्रोडक्शन लागत बढ़ गई है। इसी कारण अमेरिका विदेशी उत्पादों पर टैरिफ लगाकर अपनी इंडस्ट्री को बचाना चाहता है। बाबा रामदेव ने जोर दिया कि भारत को भी आत्मनिर्भरता और घरेलू उत्पादन पर ध्यान देना होगा।











